
कोयला सिर्फ ऊर्जा का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसी सोच के साथ मानव संसाधन को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा मंच तैयार हुआ है। दो दिनों तक चलने वाला यह खास कॉन्क्लेव न सिर्फ नीतियों पर चर्चा करेगा, बल्कि आने वाले समय में काम करने के तरीके भी बदल सकता है।
South Eastern Coalfields Limited (SECL) की मेजबानी में तीसरे कोल इंडिया एचआर/आईआर कॉन्क्लेव ‘उत्कर्ष 2026’ का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को वसंत क्लब में गरिमामय माहौल में हुआ। इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव में Coal India Limited और उसकी अनुषंगी कंपनियों के 100 से ज्यादा HR अधिकारी शामिल हुए हैं।
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मुख्य अतिथि बी. साईराम ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि कोयला देश की ऊर्जा का आधार है और कर्मचारी इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने बताया कि इस साल कोल इंडिया “Reform, Perform, Transform” विज़न के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसमें कर्मचारियों की भूमिका सबसे अहम होगी।
SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कहा कि इस कॉन्क्लेव की मेजबानी करना संस्था के लिए गर्व की बात है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी संगठन की असली पूंजी उसके कर्मचारी होते हैं, इसलिए उनके विकास और कल्याण पर लगातार काम करना जरूरी है।
विशेष संबोधन में मुख्य सतर्कता अधिकारी ब्रजेश कुमार त्रिपाठीने कहा कि कोल इंडिया सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि एक पहचान है। उन्होंने कहा, “जो जीता वही कोल इंडियन”, और कर्मचारियों से संगठन पर गर्व करने की अपील की।
कीनोट स्पीकर विनय रंजन ने बताया कि कोल इंडिया में समय के साथ बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आज कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं और कार्यस्थल पर संवाद व संवेदना को मजबूत करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
‘उत्कर्ष 2026’ सिर्फ एक कॉन्क्लेव नहीं, बल्कि कोल इंडिया के भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच बन सकता है। यहां होने वाला मंथन आने वाले समय में कर्मचारियों की नीतियों, कार्य संस्कृति और संगठन की कार्यशैली में बड़ा बदलाव ला सकता है। दो दिनों तक चलने वाला यह आयोजन HR सेक्टर के लिए कई नए रास्ते खोल सकता है।
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