
Durg Development Review Meeting: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने और नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने समीक्षा बैठक की। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव और दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर सरकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने सभी विभागों को पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने और पात्र हितग्राहियों को भूमि पट्टे सहित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मनरेगा और बीबीजीआरवाई के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।
प्रमुख सचिव ने तहसीलों और ग्राम पंचायतों में नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों को पारदर्शी तरीके से निपटाने पर जोर दिया। एक साल से लंबित प्रकरणों का जल्द समाधान करने के साथ स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बालिकाओं के लिए शौचालय तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया।
सोनमणि बोरा ने पीएमश्री और अन्य उत्कृष्ट विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, कचरा पेटी और उद्यान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पात्र गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के कार्ड बनाने में तेजी लाने को कहा गया। इसके अलावा कुष्ठ रोग, सिकल सेल और टीबी उन्मूलन से जुड़े जांच एवं उपचार कार्यों की समीक्षा की गई। रैनबसेरों, सामुदायिक भवनों, पार्कों और जल निकासी जैसी शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर नियंत्रण की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष NDPS अधिनियम के तहत 107 कार्रवाई हुई थीं, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 157 हो गई है। गिरफ्तार आरोपियों की संख्या भी 262 से बढ़कर 330 हो गई है।
पुलिस के मुताबिक, जब्त मादक पदार्थों का मूल्य पिछले वर्ष के 1.40 करोड़ रुपये से बढ़कर इस वर्ष 10.88 करोड़ रुपये हो गया है। भिलाई-दुर्ग और कुम्हारी के संवेदनशील इलाकों में अवैध नशा कारोबार पर निगरानी बढ़ाई गई है।
प्रमुख सचिव ने स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक संस्थानों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। पेंटिंग प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। साथ ही नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार, पुनर्वास और समय पर परामर्श उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने और सड़क निर्माण परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया।
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