
Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya Raipur Convocation 2026: रायपुर में आयोजित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। लगातार घटती कृषि भूमि को देखते हुए अब कम जमीन में अधिक उत्पादन करना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन से ही राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के पूर्व निदेशक एवं प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के विद्यार्थियों को विभिन्न उपाधियां और पदक प्रदान किए गए। समारोह में 13 स्वर्ण, 7 रजत और 2 कांस्य पदक वितरित किए गए। साथ ही 128 शोधार्थियों को पीएचडी, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर तथा 1234 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधि प्रदान की गई।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आज कृषि विज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता से संचालित हो रही है। दुनिया भर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, उपग्रह मानचित्र, जैव प्रौद्योगिकी और डेटा विश्लेषण जैसी तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। भारत भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ड्रोन से उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव, डिजिटल उपकरणों से मृदा स्वास्थ्य निगरानी और मोबाइल ऐप के जरिए किसान परामर्श जैसी सुविधाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, लेकिन अब उच्च गुणवत्ता वाले बासमती और सुगंधित धान के उत्पादन पर भी ध्यान देना चाहिए ताकि किसानों को बेहतर बाजार और लाभ मिल सके। हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती को भी भविष्य की बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। धान के साथ दलहन, तिलहन, फल-सब्जी और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, मुफ्त बिजली और कृषि उपकरणों की उपलब्धता जैसी योजनाओं से किसानों को बड़ा लाभ मिला है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुगंधित धान, फल, फूल और मसाला उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कृषि अनुसंधान और नवाचार में आगे आने की अपील की।
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