NEET 2026: डॉक्टर बनने जा रहे छात्रों से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संवाद, दिया खास संदेश

Published : Aug 03, 2026, 10:00 AM IST
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सार

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने NEET-2026 में सफल प्रयास विद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रयास आवासीय विद्यालयों के NEET-2026 में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल विद्यार्थियों की सफलता नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों ने कठिन मानी जाने वाली नीट परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया है कि अवसर और संसाधन मिलने पर प्रतिभा किसी भी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।

प्रयास आवासीय विद्यालयों की सफलता पर मुख्यमंत्री ने जताया गर्व

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में 17 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों का उद्देश्य दूरदराज़ और वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, शिक्षकों का समर्पण और अभिभावकों का आशीर्वाद समान रूप से जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री ने सफल विद्यार्थियों, उनके माता-पिता और शिक्षकों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

"डॉक्टर बनें, लेकिन संवेदनशील इंसान भी बनें"- CM विष्णुदेव साय

विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर का स्थान समाज में बेहद सम्मानजनक होता है। भगवान जीवन देते हैं और डॉक्टर उस जीवन को बचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल कुशल चिकित्सक बनने तक सीमित न रहें, बल्कि संवेदनशील, व्यवहारिक और लोगों के प्रति सहानुभूति रखने वाले डॉक्टर भी बनें। उनका कहना था कि मरीज के साथ अच्छा व्यवहार कई बार दवा से पहले काम करता है।

शिक्षा के लिए बढ़ाए जा रहे संसाधन, 34 नए नालंदा परिसर निर्माणाधीन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लगातार नए अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं और 34 नए नालंदा परिसर निर्माणाधीन हैं। इन परिसरों में विद्यार्थियों को सप्ताह के सातों दिन, चौबीसों घंटे ऑनलाइन और ऑफलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी। उनका कहना था कि सरकार चाहती है कि संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के सपनों के आड़े न आए।

ट्रायबल यूथ हॉस्टल में बढ़ी सीटें, UPSC में भी मिला शानदार परिणाम

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। यहां विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा मिल रही है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इसी वर्ष हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल की है।

नशामुक्त युवा अभियान का भी किया उल्लेख

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए "नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान" का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देशभर में करोड़ों लोगों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली है। यह अभियान स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और अगले दो वर्षों तक चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि स्वस्थ, संस्कारित, परिश्रमी और नशामुक्त युवा ही मजबूत भारत और मजबूत छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकते हैं।

शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाओं पर क्या बोले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय?

जगदलपुर की छात्रा नेल्सा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार निवेश कर रही है। विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के साथ-साथ श्रमिक परिवारों के बच्चों को विदेश में अध्ययन के लिए भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए।

नई शिक्षा नीति और सरकारी स्कूलों में सुधार

अंबिकापुर की छात्रा यामिनी पैकरा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति लागू की जा चुकी है। इसके तहत रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, भवनों का नवीनीकरण, शिक्षकों का प्रशिक्षण और पेरेंट्स-टीचर मीटिंग जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं। जवाहर उत्कर्ष योजना के माध्यम से बच्चों को निजी स्कूलों में भी प्रवेश दिलाया जा रहा है।

राजनीति और जनसेवा पर युवाओं को संदेश

जगदलपुर की छात्रा दिलेश्वरी साहू ने राजनीति और प्रशासन में युवाओं की भागीदारी को लेकर सवाल पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कोई भी काम छोटा नहीं होता। डॉक्टर, किसान, व्यापारी, जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी—हर व्यक्ति अपने क्षेत्र में रहकर समाज और देश की सेवा कर सकता है। उन्होंने राजनीति को भी जनसेवा का प्रभावी माध्यम बताया।

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ और पर्यटन की नई संभावनाएं

सरगुजा के छात्र समीर करकेट्टा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती झेलने के बाद छत्तीसगढ़ अब नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों, सुरक्षा बलों के साहस और जनता के सहयोग से प्रदेश नक्सलमुक्त हुआ है। इसके बाद बस्तर और सरगुजा में पर्यटन की अपार संभावनाएं विकसित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने चित्रकोट, तीरथगढ़, रानीदाह और अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये स्थान विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बन सकते हैं।

उद्योग, ऊर्जा और कृषि में तेजी से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़

महासमुंद के छात्र हेमंत यादव के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। राज्य खनिज संपदा से समृद्ध है और देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए हैं। सिंचाई परियोजनाओं, कृषि आधारित उद्योगों, पशुपालन, मत्स्य पालन और मूल्य संवर्धन गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

खेलों में भी छत्तीसगढ़ बना रहा नई पहचान

सरगुजा के छात्र कोमल पटेल के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई पहचान मिली है। उन्होंने हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का उल्लेख किया। साथ ही बताया कि जशपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आर्चरी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार की खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये तक की प्रोत्साहन राशि और सरकारी नौकरी जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

अपने संघर्षों का भी किया जिक्र

राजनांदगांव की छात्रा प्राची मलगामे के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने अपने जीवन संघर्षों को साझा किया। उन्होंने बताया कि 10 वर्ष की आयु में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने खेती-बाड़ी करते हुए परिवार को संभाला और जीवन में मिले हर दायित्व को पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि मेहनत, ईमानदारी और समर्पण ही सफलता की असली कुंजी हैं।

सीएम हेल्पलाइन 1076 और डिजिटल सुशासन पर जोर

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सीएम हेल्पलाइन 1076 की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से प्रदेशवासी अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे शासन तक पहुंचा सकते हैं। साथ ही मुख्यमंत्री डैशबोर्ड विकसित किया जा रहा है, जिससे स्कूलों, अस्पतालों और अन्य शासकीय संस्थानों की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। उनका कहना था कि तकनीक आधारित पारदर्शी शासन के माध्यम से लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

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