नारायणपुर के छोटेडोंगर और कोहकामेटा में सेवा सेतु शिविर लगे। 331 ग्रामीण लाभान्वित हुए, 35 परिवारों को PM आवास की चाबी और 87 की स्वास्थ्य जांच हुई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आकांक्षी जिले नारायणपुर में सरकारी योजनाओं और सेवाओं को ग्रामीणों तक सीधे पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। इसी अभियान के तहत छोटेडोंगर और कोहकामेटा में ब्लॉक स्तरीय सेवा सेतु शिविर लगाए गए।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को छोटे-बड़े सरकारी कामों के लिए दूर के दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना था। शिविरों में अलग-अलग विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एक ही जगह मौजूद रहे। दिनभर चले शिविरों में कुल 331 ग्रामीण सीधे लाभान्वित हुए। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही प्रमाण-पत्र और स्वीकृति पत्र भी दिए गए।
छोटेडोंगर सेवा सेतु शिविर में 199 ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान
छोटेडोंगर में आयोजित ब्लॉक स्तरीय सेवा सेतु शिविर में प्रशासनिक अमले ने ग्रामीणों की समस्याओं और आवेदनों का मौके पर निराकरण किया। यहां कुल 199 हितग्राहियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिला। शिविर के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 35 परिवारों को उनके पक्के मकानों की चाबियां सौंपी गईं। लंबे समय से पक्के घर का इंतजार कर रहे इन परिवारों के लिए यह पल खास रहा।
राजस्व विभाग ने 47 प्रकरणों का निपटारा किया। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने राशन कार्ड से संबंधित 39 मामलों का समाधान किया। इसी विभाग की ओर से 18 पात्र वृद्ध और असहाय लोगों को पेंशन स्वीकृति पत्र भी दिए गए। कृषि विभाग ने फसल बीमा से जुड़े 11 किसानों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। श्रम विभाग ने 5 श्रमिकों को श्रमिक कार्ड दिए, जबकि उद्यानिकी विभाग ने भी पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया। शिविर में जमीनी स्तर पर बेहतर काम करने वाली 40 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कोहकामेटा शिविर में स्वास्थ्य जांच से लेकर प्रमाण-पत्र वितरण तक
कोहकामेटा में आयोजित विकासखंड स्तरीय सेवा सेतु शिविर में स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर खास फोकस रहा। यहां कुल 132 ग्रामीणों को विभिन्न सेवाओं का लाभ मिला। स्वास्थ्य विभाग ने शिविर में पहुंचे 87 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की। जरूरत के अनुसार उन्हें उपचार और दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं।
इसके अलावा आयुष्मान योजना, श्रम, समाज कल्याण और पंचायत विभाग से संबंधित योजनाओं के लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाए गए। ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्र भी मौके पर ही उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्हें संबंधित सरकारी कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
सेवा सेतु शिविरों में सरकारी सेवाओं के साथ परंपराओं की झलक
दोनों शिविरों में सिर्फ सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं तक ही गतिविधियां सीमित नहीं रहीं। यहां छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं की भी झलक देखने को मिली। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गरिमापूर्ण माहौल में गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार कराए गए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं को संतुलित आहार, स्वास्थ्य देखभाल और बच्चों के पोषण से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई। इस पहल के जरिए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास किया गया।
कोहकामेटा में नुक्कड़ नाटक से योजनाओं के प्रति जागरूकता
ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी सरल और प्रभावी तरीके से देने के लिए कोहकामेटा में 'विकसित और आत्मनिर्भर भारत' की थीम पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। कलाकारों ने संवाद और अभिनय के जरिए ग्रामीणों को जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत अभियान और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही योजनाओं को सफल बनाने में जनभागीदारी की भूमिका भी समझाई गई। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ ग्रामीणों की भागीदारी भी जरूरी है।
जनप्रतिनिधियों ने की प्रशासन की पहल की सराहना
सेवा सेतु शिविरों में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चौतरफा विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती के साथ आत्मसम्मान भी मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं सदस्य, जनपद उपाध्यक्ष, स्थानीय सरपंच, जनपद सीईओ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। नारायणपुर में आयोजित इन सेवा सेतु शिविरों के जरिए प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक सीधे और समय पर पहुंचाना प्राथमिकता है।


