बंजर जमीन पर लहलहाई ग्राफ्टेड फसल, रायगढ़ के किसान ने टमाटर-बैंगन से कमाए 4.25 लाख रुपए

Published : Sep 05, 2026, 08:44 PM IST
Grafted Tomato Brinjal Farming

सार

रायगढ़ के किसान एतवार साय पैकरा ने बंजर जमीन पर ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन उगाकर कमाल कर दिया। 187 क्विंटल उत्पादन से 4.25 लाख की बिक्री और 2.80 लाख रुपए का शुद्ध लाभ कमाया।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के एक किसान ने आधुनिक खेती की मदद से बंजर और अनुपयोगी पड़ी जमीन को भी कमाई का जरिया बना दिया। किसान ने ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती से 187 क्विंटल का उत्पादन किया और 4.25 लाख रुपए की आमदनी अर्जित की। इस खेती में नई तकनीक और उद्यानिकी विभाग के सही मार्गदर्शन ने अहम भूमिका निभाई।

क्या होती है ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती?

ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती में पौधे के नीचे जंगली बैंगन यानी रूटस्टॉक और ऊपर टमाटर या हाइब्रिड बैंगन यानी सायन होता है। यह खेती पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक फायदेमंद और रोग-प्रतिरोधी मानी जाती है। इस तरह का पौधा अधिक पानी, लंबे समय तक सूखा और भारी बारिश जैसी परिस्थितियों को भी आसानी से सहन कर लेता है। यही वजह है कि बदलते मौसम के बीच ग्राफ्टेड सब्जियों की खेती किसानों के लिए एक अच्छा विकल्प बनकर सामने आ रही है।

बंजर जमीन पर उगाई ग्राफ्टेड सब्जियां

लैलूंगा विकासखंड के ग्राम झारआमा के किसान एतवार साय पैकरा ने आधुनिक तकनीक और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से खेती में सफलता की नई मिसाल कायम की है। कभी अनुपयोगी और बंजर पड़ी रहने वाली जमीन पर ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती कर उन्होंने न केवल 187 क्विंटल का बंपर उत्पादन हासिल किया, बल्कि कुल 4.25 लाख रुपए भी कमाए।

गांव से दूर जंगल के पास थी जमीन

किसान की जमीन गांव से दूर जंगल के समीप स्थित थी। सिंचाई के साधनों की कमी के कारण वहां खेती करना आसान नहीं था। ऐसी स्थिति में उद्यानिकी विभाग की सलाह पर किसान ने जमीन का समतलीकरण कराया। इसके बाद सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीक और मल्चिंग पद्धति को अपनाया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में किसान ने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड सब्जियों की बुआई की।

टमाटर से 1.75 लाख और बैंगन से 2.50 लाख की बिक्री

किसान ने टमाटर की फसल से 87 क्विंटल उत्पादन किया और इसे बेचकर 1 लाख 75 हजार रुपए की आमदनी हुई। इसी तरह बैंगन की फसल से 100 क्विंटल उत्पादन हुआ, जिसकी बिक्री से 2 लाख 50 हजार रुपए मिले। इस तरह टमाटर और बैंगन को मिलाकर कुल 187 क्विंटल उत्पादन हुआ और कुल 4 लाख 25 हजार रुपए की बिक्री हुई।

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