सुकमा में सुशासन: VIP गाड़ी छोड़ बाइस से गांव-गांव पहुंचे कलेक्टर-एसपी, चौपाल लगाकर सुनी समस्याएं

Published : May 07, 2026, 06:59 PM IST
sukma collector sp chaupal

सार

Chhattisgarh Sushasan Tihar 2026: छत्तीसगढ़ के सुकमा में कलेक्टर अमित कुमार और एसपी किरण चव्हाण ने 30 किमी के दुर्गम रास्ते बाइक से तय कर पहुंचविहीन गांवों का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर सोलर मरम्मत, पुलिया निर्माण और पंचायत भवन जैसे कामों को मौके पर ही मंजूरी दी। 

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2026 अभियान के तहत अब विकास की किरण सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सुदूर वनांचलों तक पहुंच रही है। इसी कड़ी में सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की। बुधवार को कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने किसी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए, खुद मोटरसाइकिल चलाकर 30 किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों को पार किया और पहुंचविहीन ग्राम गोंडेरास और नीलावाया पहुंचे। बता दें कि जिला प्रशासन सुशासन तिहार के माध्यम से 31 व्यक्तिगत योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुंचा रहा है।

ग्राम गोंडेरास में समस्याओं का तत्काल समाधान

गोंडेरास गांव में कलेक्टर और एसपी ने किसी आलीशान मंच के बजाय इमली के पेड़ के नीचे बिछी खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों द्वारा सोलर प्लेट्स के खराब होने की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल क्रेडा विभाग को सभी घरों में मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गांव में आंगनबाड़ी और पंचायत भवन जैसे बुनियादी कार्यों के लिए 70 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई, जिसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को ही सौंपी गई है। शिविर में 17 किसान क्रेडिट कार्ड, 12 जाति प्रमाण पत्र और 11 पीएम-किसान प्रकरणों का निराकरण, 2 किसान किताब, 2 पटवारी प्रतिवेदन सहित कई दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए।

स्वास्थ्य सुरक्षा और पुलिया की सौगात

ग्राम नीलावाया पहुंचकर अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को होने वाली 15 किमी की अतिरिक्त दूरी को खत्म करने के लिए कलेक्टर ने मौके पर ही नाले पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी। 4 मोतियाबिंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजने और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए सचिव को कड़े निर्देश दिए गए। शिविर के दौरान 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और 22 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र तत्काल बनाकर सौंपे गए।

कागज नहीं, धरातल पर सुशासन ही लक्ष्य

कलेक्टर अमित कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि शासन का लक्ष्य नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना के जरिए हर घर को बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के सैचुरेशन (पूर्णता) से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाना कार्य में तेजी और पारदर्शिता लाने का एक बड़ा कदम है। यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर हमारे गांव तक मोटरसाइकिल से पहुंचा है। अब हमें भरोसा है कि हमारी समस्याएँ अनसुनी नहीं रहेंगी। गांव के सरपंच जोगा वंजामी ने अधिकारियों के आगमन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर उनके गांव तक पहुंचा है।

 

PREV

छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाएं, शिक्षा-रोजगार अपडेट्स, नक्सल क्षेत्र समाचार और स्थानीय विकास रिपोर्ट्स पढ़ें। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर क्षेत्र की खबरों के लिए Chhattisgarh News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — सबसे विश्वसनीय राज्य कवरेज यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

धमतरी बना छत्तीसगढ़ की नई कृषि शक्ति, किसान से लेकर सरकार तक खुश
Weather Today: कई राज्यों में फिर भीषण गर्मी, रायपुर-इंदौर में 44°C का खतरा, जानिए कहां होगी बारिश