
नई दिल्ली। दिल्ली में कुछ ही घंटों की रिकॉर्ड तोड़ बारिश से जगह-जगह पानी भर गया। इस जलभराव की स्थिति को लेकर दिल्ली के LG सरदार टीएस संधू ने एक बैठक बुलाई। मंगलवार को हुई इस बैठक में दिल्ली जल बोर्ड के CEO, PWD के प्रिंसिपल सेक्रेटरी, NDMC के चेयरमैन, ट्रैफिक के स्पेशल सीपी, डिविजनल कमिश्नर और MCD के एडिशनल कमिश्नर समेत सभी संबंधित विभागों के बड़े अधिकारी और इंजीनियरिंग हेड मौजूद थे।
बैठक की शुरुआत में बताया गया कि स्थिति पूरी तरह संतोषजनक तो नहीं है, लेकिन पिछले तीन मॉनसून से काफी बेहतर है। कई proactive कदम उठाए गए हैं, लेकिन पिछले करीब एक दशक में कोई काम न होने की वजह से ड्रेनेज और बाकी इंफ्रास्ट्रक्चर लगभग ठप हो गया है। इन पुरानी समस्याओं को पूरी तरह ठीक करने में वक्त लग रहा है। LG ने इस स्थिति को एक आपदा की तरह देखने और 'युद्ध स्तर' पर काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों के प्रमुखों से कहा कि वे चौबीसों घंटे जमीन पर सक्रिय रहें। LG ने जोर देकर कहा कि 'सरकार के सभी अंग एक साथ' मिलकर काम करें, यह जरूरी है। कोई भी विभाग अकेले काम नहीं करेगा।
उन्होंने साफ कर दिया कि उनका ऑफिस आगे भी स्थिति पर करीबी नजर रखेगा। LG ने चेतावनी दी कि सीनियर अधिकारियों और सभी रैंक के इंजीनियरों को भी MLAs और मंत्रियों की तरह ही सड़कों पर मौजूद रहना होगा और जवाबदेही दिखानी होगी, उनसे पीछे नहीं रहना है। रिलीज में आगे कहा गया है कि LG ने निर्देश दिया कि बाढ़ जैसी स्थिति में सभी हेड ऑफिस में बैठकर निगरानी करने के बजाय, खुद सड़कों पर मौजूद रहें और मौके पर ही सुधार के उपायों को देखें। उन्होंने कहा, "पहली बात तो ये कि जलभराव होना ही नहीं चाहिए।" साथ ही शहर के सभी संवेदनशील जगहों पर 'युद्ध स्तर' पर पंप लगाने का काम तेज करने का आदेश दिया।
उन्होंने सभी विभागीय प्रमुखों को निर्देश दिया कि मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर नागरिकों की शिकायतों का तुरंत समाधान करना उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके निर्देशों का सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी असर दिखना चाहिए और समय पर कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक के आखिर में LG ने कहा कि हमारी प्राथमिकता साफ होनी चाहिए: नागरिकों को तुरंत राहत देना और एक सुरक्षित, बेहतर और विकसित दिल्ली बनाना।
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