Air Marshal Ashutosh Dixit नए IAF Chief होंगे। केंद्र की मोदी सरकार ने आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायु सेना का नया प्रमुख घोषित किया है। वे 31 अक्टूबर 2026 को एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह लेंगे। जानिए उनके करियर, सैन्य सम्मान और अनुभवों से जुड़ी खास बातें।
Air Marshal Ashutosh Dixit: भारतीय वायु सेना को अपना नया बॉस मिल गया है। सरकार ने मंगलवार को ऐलान किया कि एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित देश के अगले वायु सेना प्रमुख (CAS) होंगे। वे मौजूदा एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह लेंगे, जो इसी साल 31 अक्टूबर, 2026 को रिटायर हो रहे हैं। फिलहाल एयर स्टाफ के वाइस चीफ के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे एयर मार्शल दीक्षित अब IAF के 29वें प्रमुख के रूप में कमान संभालेंगे। उनका यह सफर और अनुभव दोनों ही काफी शानदार रहे हैं।
Air Marshal Ashutosh Dixit: 3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान
9 दिसंबर 1966 को जन्मे आशुतोष दीक्षित को दिसंबर 1986 में वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। कॉकपिट में 3,500 घंटे से ज़्यादा उड़ान भरने का अनुभव रखने वाले दीक्षित एक बेहतरीन एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं। उन्होंने अपने करियर में मिराज-2000, जगुआर, मिग विमानों से लेकर आधुनिक तेजस तक कई तरह के फाइटर जेट्स उड़ाए हैं। इसके अलावा, वे 'ऑपरेशन सफेद सागर' और 'ऑपरेशन रक्षक' जैसे अहम सैन्य अभियानों का भी हिस्सा रह चुके हैं।
Operation Sindoor से Operation Rakshak तक अनुभव
नए एयर चीफ का करियर कई अहम सैन्य अभियानों और एक्सरसाइज से जुड़ा रहा है। वह ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने मिराज-2000 स्क्वाड्रन के साथ-साथ पश्चिमी सेक्टर के एक फ्रंटलाइन फाइटर बेस और प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान भी संभाली है। वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ बनने से पहले वह हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ रहे। इससे पहले वह सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

Ashutosh Dixit Awards: मिले कई सैन्य सम्मान
सेवा के दौरान एयर मार्शल दीक्षित को कई बड़े सैन्य सम्मान मिले हैं। उन्हें 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।
वायु सेना के सामने होंगी नई चुनौतियां और बड़े बदलाव का दौर
फिलहाल भारतीय वायु सेना एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहां आधुनिकीकरण सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कॉम्बैट फ्लीट को मजबूत करने के साथ-साथ अनमैंड वारफेयर, काउंटर-ड्रोन और नेटवर्क-सेंट्रिक क्षमताओं पर तेजी से काम चल रहा है। ऐसे समय में जब तीनों सेनाओं के बीच 'जॉइंटनेस' और तालमेल बिठाने पर जोर दिया जा रहा है, एयर मार्शल दीक्षित का ट्राई-सर्विस और ऑपरेशनल दोनों मोर्चों का अनुभव वायु सेना को और अधिक मजबूती देगा।


