
दिल्ली की महिलाओं के लिए 26 अगस्त का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली लक्ष्मी योजना के औपचारिक शुभारंभ के मौके पर कहा कि योजना के तहत पहली 2,500 लाभार्थी महिलाओं को मंजूरी पत्र दिए गए हैं। उन्होंने इसे दिल्ली की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दिल्ली की बहनों के भरोसे, आशीर्वाद और स्नेह के साथ दिल्ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत हुई है। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार ने जो संकल्प लिया था, वह अब दिल्ली की महिलाओं के जीवन में नई ताकत के रूप में उतर रहा है।
योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी है। सरकार ने इसके लिए 2026-27 के बजट में करीब 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि महिलाओं की वित्तीय आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना भी है।
दिल्ली की मेरी सभी बहनों के आशीर्वाद, विश्वास और स्नेह के साथ आज दिल्ली लक्ष्मी योजना की ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में हमने नारी सशक्तिकरण का जो संकल्प लिया था, आज वह संकल्प दिल्ली की बहनों के जीवन में नई शक्ति बनकर उतरा है।… pic.twitter.com/0kjMa8KNm9
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 26, 2026
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि दिल्ली की महिलाओं की खुशी सरकार की खुशी है और उनका भरोसा सरकार की ताकत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी। सरकार की योजना के मुताबिक दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये मिलेंगे। योजना 1 अगस्त 2026 से प्रभावी हुई है और शुरुआत में इसे तीन साल के लिए लागू किया गया है।
योजना का लाभ दिल्ली की 21 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को दिया जाना है। इसके लिए परिवार की सालाना आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही आवेदक महिला या उसके पति अथवा माता-पिता में से किसी एक का कम से कम 10 साल से दिल्ली का निवासी होना जरूरी है। आवेदन परिवार की सबसे बड़ी पात्र महिला सदस्य द्वारा किया जाता है।
सरकार ने योजना के तहत लाभार्थियों के लिए कुछ अन्य शर्तें भी तय की हैं। उदाहरण के तौर पर सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरी से जुड़े परिवार, आयकरदाता और कुछ अन्य निर्धारित श्रेणियां योजना के दायरे से बाहर हैं। योजना के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्रता की जांच के बाद ही आर्थिक सहायता जारी की जाएगी।
सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया है कि पात्र लाभार्थियों को मंजूरी या लाभ पत्र मिलने के बाद 2,500 रुपये की मासिक सहायता का भुगतान किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पहली नियमित राशि 1 सितंबर से जारी की जानी है। योजना में भुगतान को लेकर भी विकल्प रखा गया है। लाभार्थी 1,000 रुपये CBDC वॉलेट में और 1,500 रुपये FD या RD में लेने का विकल्प चुन सकती हैं। दूसरा विकल्प पूरी 2,500 रुपये की राशि को RD या FD में रखने का है। इसका उद्देश्य तत्काल जरूरतों के साथ-साथ बचत और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत 1 अगस्त को हुई थी। शुरुआत से ही महिलाओं में इसे लेकर काफी रुचि देखने को मिली। अगस्त के शुरुआती दिनों में ही लाखों महिलाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। 26 अगस्त तक पहुंचते-पहुंचते योजना के लिए करीब 9.13 लाख महिलाओं के रजिस्ट्रेशन और 6.52 लाख आवेदन जमा होने की जानकारी सामने आई। सरकार का लक्ष्य करीब 17 लाख महिलाओं को योजना का लाभ पहुंचाना है। योजना का ऑनलाइन पोर्टल दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित किया जा रहा है। पात्रता, आवेदन और बैंक खाते से जुड़ी आवश्यकताओं की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि दिल्ली की महिलाओं का भरोसा सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसदों, कैबिनेट सहयोगियों और विधायकों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान और आत्मनिर्भरता के इस संकल्प में सभी का साथ सरकार के प्रयासों को और मजबूती देता है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना को 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की ओर से किए गए प्रमुख वादों में शामिल किया गया था। पहले यह योजना ‘महिला समृद्धि योजना’ के नाम से जानी जाती थी। बाद में इसका नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना किया गया। योजना को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद 1 अगस्त से इसका ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया। अब लाभार्थियों को मंजूरी पत्र दिए जाने के साथ योजना जमीन पर लागू होने के अगले चरण में पहुंच गई है।
दिल्ली सरकार इसे केवल मासिक आर्थिक सहायता की योजना के तौर पर नहीं देख रही है। सरकार का कहना है कि नियमित वित्तीय मदद से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ेगी और वे परिवार से जुड़े छोटे-बड़े फैसलों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। अब असली परीक्षा योजना के क्रियान्वयन की है—कितनी पात्र महिलाओं तक समय पर पैसा पहुंचता है, आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया कितनी आसान रहती है और भुगतान में किसी तरह की परेशानी तो नहीं आती। फिलहाल, मंजूरी पत्रों का वितरण शुरू होने के साथ दिल्ली लक्ष्मी योजना सरकार की प्रमुख महिला-केंद्रित योजनाओं में शामिल हो गई है।
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