दिल्ली सरकार ने किराड़ी और आसपास के इलाकों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए 263.45 करोड़ रुपये के ड्रेनेज प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। यह काम दिसंबर 2027 तक पूरा होगा।

नई दिल्ली। दिल्ली वालों के लिए एक अच्छी खबर है। खासकर उन लोगों के लिए जो हर साल बारिश में जलभराव की समस्या झेलते हैं। दिल्ली सरकार ने किराड़ी में रेलवे लाइन के साथ-साथ करीब 4.5 किलोमीटर लंबा नाला बनाने का फैसला किया है। इस प्रोजेक्ट पर 263.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद इलाके को जलभराव से हमेशा के लिए छुटकारा दिलाना है। मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (EFC) की बैठक में इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इस काम को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का टारगेट रखा है।

इस नए ड्रेनेज सिस्टम से चार विधानसभा क्षेत्रों - किराड़ी, मुंडका, बवाना और नांगलोई जाट के लोगों को सीधा फायदा होगा। काम पूरा होने के बाद किराड़ी की करीब 70 अनधिकृत कॉलोनियों में भी जल निकासी की व्यवस्था सुधर जाएगी। यह नया नाला मुंडका हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास से शुरू होकर सप्लीमेंट्री ड्रेन (Supplementary Drain) में जाकर मिलेगा। इसकी क्षमता 760 क्यूसेक होगी। इससे रेलवे लाइन के किनारे जमा होने वाले बारिश के पानी को निकालने में बड़ी मदद मिलेगी।

इस प्रोजेक्ट से रानी खेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया, वेणु एन्क्लेव, रतन पार्क, राजधानी पार्क, जेजे क्लस्टर कॉलोनी, राजेंद्र पार्क एक्सटेंशन, राम नगर, कुंवर सिंह नगर और निलोठी गांव जैसे कई इलाकों को फायदा पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि किराड़ी के लोगों के लिए जलभराव हमेशा से एक बड़ी सिरदर्दी रही है। खासकर मानसून के दौरान जब सड़कों पर पानी भर जाता है, तो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, घरों और लोकल बिजनेस पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने साफ किया कि सरकार अब बारिश के मौसम में सिर्फ अस्थायी जुगाड़ के भरोसे नहीं रहना चाहती, बल्कि एक पक्के समाधान पर फोकस कर रही है।

वहीं, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिल्ली के ड्रेनेज नेटवर्क को मजबूत करने की सरकार की बड़ी योजना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस नए नाले से जलभराव वाले कई इलाकों से बारिश का पानी निकालने में मदद मिलेगी और किराड़ी के साथ-साथ आसपास के इलाकों की स्थिति भी सुधरेगी।