CM रेखा गुप्ता ने लोक नायक अस्पताल के सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया और महिलाओं की शिकायतों के त्वरित व संवेदनशील निपटारे के निर्देश दिए।
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोक नायक अस्पताल स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं, महिलाओं को दी जा रही सेवाओं और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सेंटर पर आने वाली महिलाओं की शिकायतों और मामलों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और हर शिकायत पर तेजी से कार्रवाई की जाए।
Sakhi One Stop Centre में सुविधाओं और सेवाओं की समीक्षा
औचक निरीक्षण के दौरान रेखा गुप्ता ने सेंटर की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके मामलों को संवेदनशीलता के साथ संभाला जाए। दिल्ली सरकार के अनुसार, Sakhi One Stop Centre का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर कई तरह की सहायता उपलब्ध कराना है। इनमें मनोसामाजिक काउंसलिंग, कानूनी सहायता, पुलिस से संबंधित मदद, चिकित्सा सुविधा और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं शामिल हैं। दिल्ली में ऐसे केंद्रों के जरिए महिलाओं को एकीकृत सहायता देने की व्यवस्था की गई है।
शिकायतों के निपटारे में तेजी और संवेदनशीलता पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला सुरक्षा और शिकायत निवारण के मामलों में संवेदनशील रवैया रखा जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि सेंटर पर पहुंचने वाली महिला को अपनी समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि हर मामले में त्वरित प्रतिक्रिया, संवेदनशील व्यवहार और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। खासतौर पर ऐसे मामलों में कार्रवाई की गति और पीड़ित महिला के साथ व्यवहार दोनों महत्वपूर्ण हैं।
लोक नायक अस्पताल में चिकित्सा सहायता की भी अहम भूमिका
लोक नायक अस्पताल दिल्ली के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल है और यहां 24 घंटे इमरजेंसी तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग समेत कई चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यहां Obstetrics & Gynaecology की 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं भी संचालित होती हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में वन स्टॉप सेंटर की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि हिंसा या संकट से प्रभावित महिलाओं को चिकित्सा सहायता के साथ काउंसलिंग, कानूनी और पुलिस संबंधी सहायता की जरूरत भी पड़ सकती है।
दिल्ली में जारी रहेंगे औचक निरीक्षण
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में औचक निरीक्षण का सिलसिला जारी रखा जाए। इसका उद्देश्य केवल सुविधाओं की स्थिति देखना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि सरकारी सेवाओं का लाभ जमीन पर लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंच रहा है।
दिल्ली सरकार के दस्तावेजों के मुताबिक, वन स्टॉप सेंटर योजना के तहत दिल्ली में 11 सखी केंद्र स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2023-24 में इन केंद्रों के माध्यम से 4,604 महिलाओं को सहायता दिए जाने का उल्लेख सरकारी आर्थिक सर्वेक्षण में किया गया है। मुख्यमंत्री के इस निरीक्षण के बाद अधिकारियों के सामने संदेश साफ है—महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और शिकायतों का समाधान समय पर होना चाहिए।


