केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हो रही सख्ती को सही ठहराया है। उन्होंने विपक्ष के प्रदर्शन को 'पॉलिटिकल ड्रामा' बताते हुए कहा कि पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने वालों को सरकार सिर्फ देखती नहीं रह सकती। वहीं कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को 'पॉलिटिकल ड्रामा' करार दिया और कहा कि विपक्ष अपनी चुनावी हार को पचा नहीं पा रहा है। जोशी ने साफ किया कि विरोध के नाम पर अगर कानून तोड़ा जाएगा और पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया जाएगा, तो सरकार चुपचाप तमाशा नहीं देख सकती। मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने दिल्ली में सुरक्षा बलों की सख्ती और रास्तों पर लगी पाबंदियों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि जब आम लोगों की सुरक्षा खतरे में हो, तो प्रशासन हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकता। प्रह्लाद जोशी ने पत्रकारों से कहा,
अगर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और आम नागरिकों को परेशान करने की कोशिश होगी, तो सरकार मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती। हमें कड़े कदम उठाने ही होंगे। बीजेपी ने हाल के चुनाव जीते हैं और यूपी, उत्तराखंड और गोवा में भी हमारी जीत का यह सिलसिला जारी रहेगा। पश्चिम बंगाल में बीजेपी का जो ग्राफ बढ़ा है, उसकी वजह ममता बनर्जी सरकार का कुशासन और भ्रष्टाचार है।
मेट्रो सेवाओं पर लगी रोक और सुरक्षा इंतजामों पर जोशी ने कहा कि ये सब न्यायिक और प्रशासनिक दायरे में होता है। उन्होंने कहा,
मेट्रो सेवाओं पर पाबंदी को लेकर चीफ जस्टिस ने भी वाजिब प्रतिबंधों की बात कही है। जरूरी कदम क्या होंगे, यह दिल्ली पुलिस तय करेगी। लोगों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। ये सब सिर्फ एक पॉलिटिकल ड्रामा है क्योंकि ये लोग अपनी चुनावी हार को मान नहीं पा रहे हैं।
जोशी का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यह संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का विरोध कर रहा है। दूसरी तरफ, यूपी कांग्रेस की अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने शनिवार को बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सीजेपी के 'जंतर मंतर 2.0' प्रदर्शन से पहले दिल्ली में भारी सुरक्षा और लोगों को हिरासत में लिए जाने को "लोकतंत्र की हत्या की कोशिश" बताया।
लखनऊ में एएनआई से बात करते हुए मिश्रा ने आरोप लगाया कि लोगों की आवाजाही पर रोक और भारी पुलिस बल की तैनाती दिखाती है कि सत्ताधारी पार्टी डरी हुई है। मिश्रा ने कहा,
यह पूरी तरह से डरी हुई बीजेपी को दिखाता है। देश का संविधान हर राजनीतिक दल, संगठन और व्यक्ति को विरोध करने और अपनी बात रखने का हक देता है। लेकिन आज देश में जो माहौल बना दिया गया है- ट्रेनें रद्द की जा रही हैं, टोल प्लाजा पर गाड़ियां रोकी जा रही हैं और लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है- यह लोकतंत्र की हत्या की कोशिश है... उन्हें (बीजेपी को) अब समझ आ गया है कि उनकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है; वे अब सत्ता में नहीं रहने वाले हैं।
सीजेपी के 'जंतर मंतर 2.0' प्रदर्शन में कांग्रेस के शामिल होने के सवाल पर उन्होंने सफाई दी। कांग्रेस नेता ने बताया कि पार्टी के बड़े नेता तमिलनाडु में पहले से तय एक कार्यक्रम में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा,
आज राहुल गांधी चेन्नई में 'छात्रों की गूंज' नाम के एक पहले से तय कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं, और पूरी लीडरशिप उसी कार्यक्रम में मौजूद रहेगी।
उनका यह बयान तब आया है जब सीजेपी ने आज प्रदर्शन का आह्वान किया है। वे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में सड़क पर उतरे हैं।
यह पूरा विवाद विपक्ष और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के बीच "वोट चोरी" के आरोपों और वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर चल रही तनातनी के बीच हो रहा है। इस बीच, दिल्ली पुलिस लगातार एक्टिविस्टों को हिरासत में ले रही है। पुलिस का कहना है कि इस प्रदर्शन के लिए कोई कानूनी इजाजत नहीं ली गई है। सीजेपी एक्टिविस्ट अभिजीत डिपके, जो प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से फ्लाइट लेकर दिल्ली आ रहे थे, उन्होंने दावा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन से उतरते ही पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को हिरासत में ले लिया।
