
दिल्ली में एक वायरल वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए गए एक रील वीडियो में कथित तौर पर एक दवा विक्रेता का व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में देखा गया कि एक व्यक्ति को दवा देने से मना किया जा रहा है और इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारी की ओर से कहा जाता है, 'जाकर जहां शिकायत करनी है कर दो।'
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए दवा जैसी आवश्यक सेवा देने से इनकार करना कि उस समय फर्श की सफाई हो रही है, पूरी तरह गलत है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह का व्यवहार सार्वजनिक सेवाओं में किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि यह रील उन्हें बड़ी संख्या में लोगों ने भेजी और कई लोगों ने उन्हें इस वीडियो में टैग भी किया। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए। वीडियो में दिखाई गई घटना ने आम नागरिकों के अधिकारों और आवश्यक सेवाओं तक उनकी पहुंच को लेकर बहस छेड़ दी है। खासतौर पर दवा जैसी जरूरी वस्तु को लेकर लापरवाही पर लोगों ने नाराजगी जताई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और संबंधित विक्रेता का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी सेवा क्षेत्र में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना है, न कि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना कराना। इसलिए ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाया है। वायरल वीडियो में पोछा लगने का हवाला देकर एक नागरिक को जरूरी दवा देने से मना कर दिया गया था और "जहाँ शिकायत करनी है कर दो" जैसी अभद्रता की गई थी।
मुख्यमंत्री ने इस व्यवहार… pic.twitter.com/5yq3N8p1kx— Asianetnews Hindi (@AsianetNewsHN) August 5, 2026
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में दिल्ली सरकार के प्रस्तावित ‘राइट टू सर्विसेज बिल’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार सेवाओं में जवाबदेही बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है और इसी उद्देश्य से यह कानून लाया जा रहा है। रेखा गुप्ता ने कहा कि हर नागरिक को उन सेवाओं का अधिकार है, जिनका वह हकदार है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि लोगों को समय पर और सम्मानजनक तरीके से सेवाएं मिलें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या मनमानी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण होती है। दवा जैसी आवश्यक वस्तु को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह सख्त संदेश सार्वजनिक सेवा प्रदाताओं के लिए एक स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जवाबदेही की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
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