CJP Protest: 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की सख्त चेतावनी

Published : Oct 09, 2026, 11:15 AM IST
CJP activists at a news conference to announce October 10 protest (Photo/ANI)

सार

दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर सख्त चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि दिल्ली में धारा 163 लागू है, इसलिए कोई भी भीड़ जुटाना गैरकानूनी माना जाएगा।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि राजधानी में फिलहाल धारा 163 लागू है, इसलिए किसी भी तरह की भीड़ जुटाना पूरी तरह से गैरकानूनी माना जाएगा।

डीसीपी (DCP) सृष्टि पांडे ने बताया कि जब तक ये पाबंदियां लागू हैं, तब तक जंतर-मंतर या किसी भी दूसरी जगह पर प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर बिना इजाजत भीड़ इकट्ठा हुई, तो पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस प्रदर्शन का हिस्सा न बनें। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें। डीसीपी पांडे ने कहा,

दिल्ली में धारा 163 लागू है। इसका सीधा मतलब है कि जंतर-मंतर हो या कोई और जगह, कहीं भी प्रदर्शन की मनाही है। अगर लोग इकट्ठा होते हैं, तो इसे गैरकानूनी माना जाएगा और हमें मजबूरन कानूनी कदम उठाने पड़ेंगे। मैं प्रदर्शनकारियों से गुजारिश करूंगी कि वे ऐसी किसी भी गैरकानूनी भीड़ में शामिल न हों। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखें।

डीसीपी ने यह भी आगाह किया कि बिना इजाजत वाले प्रदर्शन में शामिल होने से आगे चलकर कानूनी पचड़े में फंसना पड़ सकता है। उन्होंने सलाह दी कि अगर किसी को अपनी बात रखनी है, तो वह सही कानूनी रास्ता अपनाए। यह चेतावनी 10 अक्टूबर को होने वाले CJP के प्रदर्शन से ठीक पहले आई है। दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि पाबंदियों के दौरान भीड़ जुटाने पर सीधा एक्शन होगा।

सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 20 जुलाई को नई दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

क्राइम ब्रांच के सूत्रों का कहना है कि जांच का मुख्य फोकस उन लोगों पर होगा, जो इस हिंसा के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या यह हिंसा पहले से रची गई साजिश थी? इसके अलावा, इस बात की भी जांच हो रही है कि जब CJP ने संसद मार्च का ऐलान किया था, तब क्या प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ आपराधिक तत्व भी घुस आए थे।

अधिकारियों ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) डेटा के जरिए 2,873 संदिग्धों की पहचान की है। इन सभी का क्रिमिनल बैकग्राउंड रहा है और अब पुलिस इनकी भूमिका की भी जांच करेगी।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली पुलिस जुलाई में हुई इस हिंसा से जुड़ी 17 एफआईआर (FIR) पहले ही रद्द कर चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच अब खास तौर पर पुलिसकर्मियों पर हुए हमले, तोड़फोड़ और पुलिस की गाड़ियों समेत सरकारी संपत्ति को पहुंचे नुकसान की गहराई से जांच करेगी।

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