दिल्ली में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर CM रेखा गुप्ता सख्त। ब्रांड ब्लैकलिस्ट, भारी जुर्माना, लाइसेंस रद्द और FIR के निर्देश दिए।

दिल्ली में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ किया है कि लोगों की सेहत से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। यह अभियान केवल त्योहारों के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे साल जारी रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने संबंधित टीम को मिलावट करने वाले ब्रांडों को ब्लैकलिस्ट करने, भारी जुर्माना लगाने, लाइसेंस रद्द करने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने जैसे कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, खाद्य पदार्थों में मिलावट और लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई केवल छापेमारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान सार्वजनिक करना और उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन की जानकारी देना भी जरूरी है।

दिल्ली में मिलावटखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई, ब्लैकलिस्ट से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक की तैयारी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई न बरती जाए। सरकार की ओर से तय किए गए कदमों में दोषी ब्रांडों को ब्लैकलिस्ट करना, भारी जुर्माना लगाना, लाइसेंस रद्द करना और एफआईआर दर्ज कराना शामिल है।

इसके साथ ही, नियम तोड़ने वालों के नाम विज्ञापनों के जरिए सार्वजनिक करने और उपभोक्ताओं को शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और खाद्य कारोबार से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई जांच और प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर की जाती है। दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, असुरक्षित, घटिया गुणवत्ता वाले या गलत लेबलिंग वाले खाद्य पदार्थों के मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

Scroll to load tweet…

दिल्ली में त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा जांच तेज, 900 किलो से ज्यादा खाद्य सामग्री नष्ट

त्योहारों के दौरान मिठाइयों, दूध से बने उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावट, खराब गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट वाले सामान की बिक्री रोकना बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी को देखते हुए दिल्ली में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजारों, मिठाई बनाने वाली इकाइयों और खाद्य सामग्री के भंडारण केंद्रों पर जांच तेज की है।

इंडियन एक्सप्रेस की 26 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में सप्ताहांत की जांच के दौरान 900 किलोग्राम से अधिक मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया। इसमें पश्चिमी दिल्ली के निहाल विहार में 402 किलोग्राम खाद्य सामग्री और कश्मीरी गेट स्थित मोरी गेट खोया मंडी में 520 किलोग्राम खराब खोया और छेना शामिल था। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए। इससे पहले, 23 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट में बताया गया था कि सोशल मीडिया पर भारी छूट का प्रचार करने वाली दुकानों की जांच के दौरान 322 किलोग्राम घी जब्त किया गया। अधिकारियों ने अलग-अलग दुकानों से घी और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे थे।

इन कार्रवाइयों से साफ है कि खाद्य सुरक्षा विभाग का ध्यान केवल दुकानों पर ही नहीं, बल्कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री की पूरी प्रक्रिया पर है। हालांकि, किसी उत्पाद के खिलाफ अंतिम कार्रवाई संबंधित जांच और रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार ही की जानी चाहिए।

ऑनलाइन डिलीवरी और क्विक कॉमर्स के सामान पर भी नजर

आज बड़ी संख्या में लोग किराने का सामान, घी, दूध से बने उत्पाद और पैकेज्ड फूड ऑनलाइन मंगाते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गोदामों और क्विक कॉमर्स कंपनियों के डार्क स्टोर की जांच भी जरूरी है। 17 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स से जुड़े गोदामों की जांच के दौरान एक्सपायरी डेट पार कर चुके खाद्य उत्पाद, अस्वच्छ भंडारण, कीटों की मौजूदगी और निर्धारित तापमान बनाए रखने में कमियां पाई गई थीं। उसी अभियान में जांचे गए 59 देसी घी के नमूनों में से 19 को असुरक्षित और चार को निर्धारित मानकों से कमतर पाया गया था। यह मामला बताता है कि खाद्य सुरक्षा का सवाल केवल पारंपरिक बाजारों तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सामान खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जांच महत्वपूर्ण है।

दिल्ली में मिलावटी खाद्य पदार्थों की शिकायत कहां करें?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उपभोक्ताओं तक हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी पहुंचाने पर भी जोर दिया है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत होने पर लोग संबंधित सरकारी माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • दिल्ली उपभोक्ता हेल्पलाइन: 1800-11-3921
  • दिल्ली खाद्य सुरक्षा विभाग: आधिकारिक वेबसाइट
  • FSSAI Food Safety Connect: शिकायत दर्ज करें और लाइसेंस की जानकारी जांचें

ये संपर्क और ऑनलाइन सुविधाएं खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों तथा लाइसेंस की जानकारी के लिए उपलब्ध हैं। उपभोक्ताओं को पैकेट पर लिखी निर्माण और एक्सपायरी डेट, सील, लेबल तथा खाद्य कारोबार का लाइसेंस देखकर सामान खरीदना चाहिए। यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उसकी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का स्पष्ट संदेश है कि दिल्ली में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। असली चुनौती इस सख्ती को पूरे साल जारी रखने, जांच के नतीजों के आधार पर कार्रवाई करने और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की है।