दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने छठ पूजा की तैयारियों का जायजा लिया। इस बार दिल्ली में 1400 से ज्यादा घाट बनेंगे। साथ ही 16 नवंबर को छुट्टी का ऐलान किया गया है।

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को छठ पूजा की तैयारियों को लेकर एक अहम बैठक की। इस मीटिंग में संबंधित विभागों के अधिकारी, जिला प्रशासन और कई एजेंसियों के लोग शामिल हुए सीएम ने साफ कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और साफ-सफाई में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सिर्फ रिपोर्ट के भरोसे न रहें, बल्कि खुद जाकर घाटों का मुआयना करें। इस साल पिछले साल के मुकाबले ज्यादा घाट बनाए जाएंगे। साथ ही, छठ के मौके पर सरकारी छुट्टी भी रहेगी। एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, रेखा गुप्ता ने कहा कि छठ करोड़ों लोगों की आस्था का पर्व है। इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि व्रत रखने वालों और उनके परिवारों को पूजा के लिए साफ और सुरक्षित माहौल मिले।

उन्होंने अधिकारियों को त्योहार से कम से कम दो दिन पहले सभी बड़ी तैयारियां पूरी करने को कहा है। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, छठ पूजा समितियों के प्रतिनिधि, विधायक अभय वर्मा, चंदन कुमार चौधरी और संदीप सहरावत मौजूद थे। इसके अलावा राजस्व विभाग, दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC), लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, फायर सर्विस और अन्य एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि इस बार छठ पूजा 13 नवंबर से शुरू होकर 16 नवंबर तक चलेगी।

नवंबर में ठंड को देखते हुए सीएम ने खास इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मौसम पिछले साल से अलग है, इसलिए बड़े और मंझोले घाटों पर जरूरत के हिसाब से टेंट लगाए जाएं। मंच के पीछे, मुख्य पूजा स्थल और दूसरी जरूरी जगहों पर भी टेंट की व्यवस्था होनी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि इस साल दिल्ली में 1400 से ज्यादा छठ घाट बनाए जाने की उम्मीद है, जबकि पिछले साल 1326 घाट बने थे।

रिलीज में आगे बताया गया कि सीएम ने 6 नवंबर तक घाटों की बेसिक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है। इसके बाद सिर्फ पानी भरने, टेंट लगाने और आखिरी साफ-सफाई का काम ही बचना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन को अपने-अपने इलाकों में घाटों का लगातार निरीक्षण करने और कमियों को तुरंत दूर करने को कहा है।

महिलाओं के लिए पर्याप्त टॉयलेट और चेंजिंग रूम बनाने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। साफ-सफाई पर खास जोर देते हुए सीएम ने कहा कि शाम के अर्घ्य से पहले, रात की पूजा के बाद और सुबह के उषा अर्घ्य के तुरंत बाद घाटों की सफाई होनी चाहिए। 15 और 16 नवंबर को भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, इसलिए सफाई कर्मचारियों की टीमें चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी। घाटों पर बड़े डस्टबिन रखे जाएंगे और कूड़ा इकट्ठा होने का इंतजार किए बिना उसे लगातार हटाया जाएगा।

रेखा गुप्ता ने कहा कि घाटों तक जाने वाले रास्तों पर गड्ढे या मलबा नहीं होना चाहिए। धूल उड़ने से रोकने के लिए सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव किया जाए। मशीनें सिर्फ स्टैंडबाय पर न रहें, बल्कि उनका पूरा इस्तेमाल हो।

रास्तों पर पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए, कोई भी जगह अंधेरे में नहीं रहनी चाहिए। सड़कों के बीच और मरम्मत वाली जगहों से पुराना मलबा भी हटाया जाना चाहिए। भीड़भाड़ वाले बड़े घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस और बाकी एजेंसियों को मिलकर काम करने को कहा गया है। बड़े घाटों के पास फायर टेंडर भी तैनात रहेंगे।

सीएम ने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए कि वे स्थानीय आयोजकों के साथ तालमेल बिठाएं और पार्किंग, रूट डायवर्जन की जानकारी पहले से दें। बड़े मॉडल घाटों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर छठ पूजा से जुड़े कार्यक्रम और दिल्ली सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के वीडियो चलेंगे। इस साल विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी छठ पूजा में बुलाया जाएगा। इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के साथ मिलकर सूर घाट या किसी अन्य अच्छे घाट पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।

16 नवंबर को सुबह के उषा अर्घ्य के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीएम ने सोमवार, 16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्देश दिया है। बैठक में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेल मंत्रालय के साथ तालमेल बिठाने पर भी चर्चा हुई।

बस से सफर करने वालों की सुविधा के लिए आईएसबीटी (ISBT) पर भी खास इंतजाम किए जाएंगे। वहां जरूरी जानकारी, बैनर और भीड़ को संभालने की व्यवस्था होगी। जरूरत पड़ने पर सिविल डिफेंस के जवानों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी।