दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को अलग-अलग हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजे के चेक सौंपे। इनमें कोविड योद्धा, सत्य निकेतन इमारत हादसा, तुगलकाबाद आग और जसोला नाला हादसे के पीड़ित शामिल हैं।
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को राजधानी में हुए अलग-अलग हादसों में अपनों को खोने वाले परिवारों को मुआवजे के चेक बांटे। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, महामारी के दौरान जान गंवाने वाली एक कोविड योद्धा के परिवार को आर्थिक मदद दी गई। इसके अलावा सत्य निकेतन में इमारत गिरने, तुगलकाबाद में आग लगने और जसोला नाले में डूबने की घटनाओं से प्रभावित परिवारों को भी सहायता राशि सौंपी गई।
सीएम ने कहा कि किसी अपने को खोने का दुख बहुत बड़ा होता है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। ऐसे मुश्किल वक्त में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहना और उन्हें हर मुमकिन मदद देना सरकार की जिम्मेदारी है। CMO के अनुसार, इस आर्थिक मदद का मकसद परिवारों को राहत देना और यह भरोसा दिलाना है कि वे अकेले नहीं हैं, दिल्ली सरकार हर कदम पर उनके साथ है। CMO ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान जनता की सेवा करने वालों के सम्मान में, सरकार ने दिवंगत ओमवती के परिवार को मुआवजा दिया। ओमवती दिल्ली नगर निगम (MCD) में काम करती थीं और एक कोविड योद्धा थीं। यह मदद उन लोगों के प्रति सरकार का आभार है जिन्होंने महामारी के मुश्किल दौर में ड्यूटी करते हुए अपनी जान दे दी। सहायता राशि उनके दो बेटों और तीन बेटियों को दी गई।
7 सितंबर 2026 को सत्य निकेतन में इमारत गिरने से चार लोगों की मौत हो गई थी। इनके परिवारों को भी आर्थिक मदद दी गई। दिवंगत अक्षत सिंह यादव, दिवंगत अर्पित झा, दिवंगत अभिषेक कुमार और दिवंगत सुरेंद्र सिंह के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। CMO के मुताबिक, हादसे के बाद परिवारों को सहारा देने के लिए ये चेक बांटे गए। मुख्यमंत्री ने तुगलकाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वालों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये, घायलों को 2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल दो लोगों को 20-20 हजार रुपये के चेक बांटे। इसके अलावा, जसोला में डूबने से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को भी 5 लाख रुपये का चेक दिया गया।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ पैसा देना नहीं है, बल्कि दुख की इस घड़ी में परिवारों को ढांढस बंधाना भी है। हर जान कीमती है। हादसों में अपनों को खोने वाले परिवारों का दर्द समझना और उनके साथ खड़े रहना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार नियमों के तहत जरूरतमंद परिवारों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार है। सरकार के लिए जन कल्याण और मानवीय संवेदनाएं सबसे ऊपर हैं।






