दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने युवा संगम के तहत तमिलनाडु के 48 छात्रों और 5 शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने संस्कृति, विरासत और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत चल रहे युवा संगम कार्यक्रम के सातवें चरण में तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों का स्वागत किया। दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस मुलाकात में विश्वविद्यालय के 48 छात्र और 5 शिक्षक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक विकास को करीब से देखने-समझने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “वनक्कम! दिल्ली में आपका स्वागत है, मेरे युवा साथियों!” तमिल भाषा में ‘वनक्कम’ अभिवादन का एक प्रचलित तरीका है। इसके जरिए मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु से आए विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया और उनके साथ संवाद को सुखद अनुभव बताया।
युवा संगम के सातवें चरण में दिल्ली पहुंचे तमिलनाडु के छात्र
युवा संगम कार्यक्रम का उद्देश्य देश के अलग-अलग राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन और सामाजिक जीवन से परिचित कराना है। इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में जाकर वहां की विशेषताओं को समझने और स्थानीय लोगों से बातचीत करने का अवसर मिलता है।
इसी क्रम में तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के 48 विद्यार्थियों और 5 शिक्षकों ने दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। यह संवाद केवल औपचारिक स्वागत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए युवाओं को देश की विविधता को समझने और अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आपसी जुड़ाव मजबूत करने का संदेश भी दिया गया।
CM रेखा गुप्ता ने बताईं दिल्ली की खासियतें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विद्यार्थियों को दिल्ली की अलग-अलग पहचान से रूबरू होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक गलियों, वहां के मशहूर खानपान और बाजारों की रौनक का जिक्र किया। साथ ही राजधानी के ऐतिहासिक स्मारकों और तेजी से बदलते शहरी स्वरूप को भी दिल्ली के अनुभव का अहम हिस्सा बताया।
दिल्ली की खासियत यही है कि यहां इतिहास और आधुनिकता साथ-साथ दिखाई देते हैं। एक ओर पुरानी दिल्ली की गलियों में सदियों पुरानी परंपराओं, खानपान और सांस्कृतिक विरासत की झलक मिलती है, तो दूसरी ओर नई दिल्ली आधुनिक बुनियादी ढांचे, तकनीक, नवाचार और बदलती जीवनशैली का उदाहरण पेश करती है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को राजधानी को केवल एक प्रशासनिक केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि भारत की विविध संस्कृतियों के संगम के रूप में देखने का संदेश दिया। उनके मुताबिक, दिल्ली को समझने का अनुभव यहां के ऐतिहासिक स्थलों, व्यस्त सड़कों, स्थानीय स्वाद और आधुनिक विकास को करीब से देखने से और समृद्ध हो सकता है।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का उद्देश्य क्या है?
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ केंद्र सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों के बीच आपसी समझ, सांस्कृतिक जुड़ाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। इसके तहत भाषाओं, परंपराओं, कला, खानपान और सामाजिक जीवन के जरिए देश की विविधता को समझने के अवसर तैयार किए जाते हैं।
युवा संगम इसी व्यापक सोच से जुड़ा कार्यक्रम है। इसमें उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों का दौरा करने और वहां के समाज, संस्कृति, विकास तथा शैक्षणिक वातावरण को करीब से जानने का अवसर मिलता है। ऐसे अनुभव युवाओं को अपने राज्य की सीमाओं से आगे बढ़कर देश के दूसरे हिस्सों की वास्तविकताओं को समझने में मदद करते हैं।
तमिलनाडु और दिल्ली के विद्यार्थियों तथा संस्थानों के बीच इस तरह का संवाद देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर देता है। इससे अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के बीच बातचीत बढ़ती है और एक-दूसरे के प्रति समझ विकसित होती है।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मुलाकात के दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान, राष्ट्रीय एकता और युवाओं के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित किया। भारत जैसे विविधताओं वाले देश में अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं और जीवनशैलियों को समझना सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
युवा पीढ़ी की भूमिका इस लिहाज से खास है। विद्यार्थियों को जब दूसरे राज्यों की संस्कृति और सामाजिक परिस्थितियों को सीधे देखने का मौका मिलता है, तो उनकी समझ केवल किताबों या सुनी-सुनाई बातों तक सीमित नहीं रहती। वे अपने अनुभवों के आधार पर देश की विविधता को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
दिल्ली सचिवालय में हुई यह मुलाकात भी इसी सोच का हिस्सा रही। मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु से आए विद्यार्थियों को राजधानी के अलग-अलग पहलुओं को जानने के लिए प्रोत्साहित किया। इस तरह के संवाद का व्यापक संदेश यही है कि भाषाएं, संस्कृतियां और क्षेत्रीय पहचान अलग हो सकती हैं, लेकिन आपसी सम्मान और राष्ट्रीय एकता देश को जोड़ने वाली साझा कड़ी हैं।
युवा संगम जैसे कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को देश के अलग-अलग हिस्सों को देखने, वहां के लोगों से जुड़ने और नए अनुभव हासिल करने का मौका मिलता है। इससे न केवल सांस्कृतिक समझ बढ़ती है, बल्कि युवाओं के बीच सहयोग और राष्ट्रीय एकजुटता की भावना को भी मजबूती मिलती है।






