
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को 'स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली' प्रोजेक्ट के लॉन्च का ऐलान किया। यह हवा के प्रदूषण को कम करने की एक सात साल की पहल है, जिसे वर्ल्ड बैंक की आर्थिक मदद से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का मकसद दिल्ली के एयर पलूशन कंट्रोल प्लान को तेजी से लागू करना, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना और 'विकसित भारत 2047' के विजन में योगदान देना है।
यह प्रोजेक्ट सितंबर 2026 से अगस्त 2033 तक राजधानी के सभी जिलों में लागू होना है। इसकी अनुमानित लागत 8,300 करोड़ रुपये है। वर्ल्ड बैंक इसमें 65 फीसदी पैसा देगा, जबकि बाकी 35 फीसदी का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रोजेक्ट की तैयारियों को अंतिम रूप देने और सभी संबंधित पक्षों के बीच तालमेल बिठाने के लिए 10 जुलाई को एक वर्कशॉप आयोजित की जाएगी।
इस वर्कशॉप में अलग-अलग सरकारी विभागों के अधिकारी, मुख्य एजेंसियां और वर्ल्ड बैंक के सीनियर प्रतिनिधि शामिल होंगे। वे प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए अपनी भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और रोडमैप पर चर्चा करेंगे। CM गुप्ता ने कहा कि यह पहल प्रदूषण के मुख्य स्रोतों पर फोकस करेगी, जिसमें गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, सड़क की धूल, कंस्ट्रक्शन और तोड़-फोड़ का मलबा, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, औद्योगिक धुआं, हरियाली और पानी का प्रदूषण शामिल है। इसे दिल्ली के भविष्य के लिए एक लंबी अवधि का निवेश बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोजेक्ट का लक्ष्य सिर्फ प्रदूषण पर लगाम लगाना नहीं है, बल्कि साफ हवा, बेहतर पब्लिक हेल्थ और एक ज्यादा टिकाऊ शहरी माहौल देना भी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट दो मुख्य स्तंभों पर टिका है। पहला, एयर क्वालिटी मैनेजमेंट को मजबूत करना। इसके लिए एक खास प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) बनाई जाएगी, एडवांस्ड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, डेटा एनालिसिस और एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) बनाया जाएगा। साथ ही, विभागों के बीच तालमेल, वैज्ञानिक योजना, जन जागरूकता, ट्रेनिंग और इनोवेशन को बढ़ावा दिया जाएगा।
दूसरा स्तंभ प्रदूषण के मुख्य स्रोतों से उत्सर्जन कम करने पर केंद्रित है। इसके तहत पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा, इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दिया जाएगा, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा और एक एडवांस्ड पलूशन अंडर कंट्रोल (PUC) मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।
CMO ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में कई विभाग और एजेंसियां शामिल होंगी, जैसे पर्यावरण विभाग, दिल्ली पलूशन कंट्रोल कमेटी (DPCC), परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB), दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL), दिल्ली परिवहन निगम (DTC), दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC), दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड (DCB), DSIIDC, DTTDC, DIMTS और अन्य संबंधित निकाय। इसके अलावा, भारत सरकार का आर्थिक मामलों का विभाग (DEA) और वर्ल्ड बैंक भी इस प्रोजेक्ट में मुख्य भागीदार होंगे।
इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लाजपत नगर कॉलोनी अस्पताल में बन रहे नए ब्लॉक के कंस्ट्रक्शन साइट का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल सुधारों और बेहतर मेडिकल सुविधाओं के जरिए राजधानी के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। इस दौरे के दौरान गुप्ता ने कहा कि यह अस्पताल इलाके के निवासियों के लिए एक लाइफलाइन है और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक नया वॉर्ड बनाया गया है। उन्होंने कहा,
लाजपत नगर कॉलोनी अस्पताल इलाके के लोगों को तुरंत मेडिकल सुविधाएं देता है। यहां एक नया वॉर्ड बनाया गया है, और यह लोगों के लिए एक लाइफलाइन की तरह काम करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में हेल्थ सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा,
स्वास्थ्य एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। हम पिछले एक साल से इसे बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। सालों से इस सिस्टम में कई दिक्कतें थीं। आज, हमारे पास दिल्ली के सभी मरीजों के डिजिटल रिकॉर्ड हैं। पहली बार, सरकारी अस्पतालों में डिजिटल अपॉइंटमेंट शुरू किए गए हैं। हम एक ऐसा नया सिस्टम बना रहे हैं जिसके तहत प्राइवेट और सरकारी, दोनों अस्पताल एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़ जाएंगे ताकि इमरजेंसी बेड की उपलब्धता की जानकारी आसानी से मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अंग दान (ऑर्गन डोनेशन) के लिए एक खास प्लेटफॉर्म लॉन्च कर रही है।
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