
जब बीमारी या आपदा अचानक दस्तक देती है, तब सबसे बड़ी चिंता इलाज और खर्च को लेकर होती है। ऐसे ही कठिन समय में गुजरात सरकार का मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) राज्य के नागरिकों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर सामने आया है। प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह कोष केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि समय पर इलाज और नई उम्मीद का माध्यम साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री राहत कोष को अधिक त्वरित, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाया गया है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति केवल पैसों के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। “लोगों का जीवन और स्वास्थ्य सर्वोपरि” की सोच के साथ यह कोष आज आम नागरिकों के लिए भरोसेमंद सुरक्षा-कवच बन चुका है।
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मुख्यमंत्री राहत कोष का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उन मरीजों को जीवन-रक्षक चिकित्सा उपलब्ध कराना है, जिनके लिए महंगे उपचार संभव नहीं हो पाते। कैंसर, हृदय रोग, किडनी और लिवर फेल्योर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियां इस सहायता के दायरे में आती हैं।
पात्रता के तहत आवेदक की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम होनी चाहिए, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 6 लाख रुपये निर्धारित की गई है। आवेदन के साथ निवासी प्रमाण-पत्र, इलाज का अनुमान और जरूरी मेडिकल दस्तावेज अनिवार्य हैं। सत्यापन के बाद फाइल मुख्यमंत्री राहत कोष समिति के समक्ष जाती है, जिसमें राहत आयुक्त, अपर मुख्य सचिव, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री शामिल होते हैं। मंजूरी मिलने पर सहायता राशि सीधे अस्पताल या मरीज के खाते में भेजी जाती है।
वर्ष 2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में CMRF के माध्यम से गुजरात में कैंसर से पीड़ित 2,106 मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस अवधि में कैंसर उपचार के लिए 31.55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, ब्लड कैंसर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट से जुड़े 450 मरीजों को सहायता मिली, जबकि अन्य प्रकार के कैंसर से पीड़ित 1,656 मरीजों को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहयोग मिला।
कैंसर के अलावा CMRF के तहत लिवर, किडनी, हृदय और फेफड़ों के प्रत्यारोपण जैसे महंगे और जटिल उपचारों के लिए भी मरीजों को महत्वपूर्ण आर्थिक मदद दी जा रही है। इससे कई ऐसे परिवारों को राहत मिली है, जो इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे।
अहमदाबाद का गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI), राजकोट का नथालाल पारिख कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट और बी.टी. सावानी हॉस्पिटल, सूरत का भारत कैंसर हॉस्पिटल, किरण मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और AAIHMS जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल CMRF की सहायता व्यवस्था से जुड़े हैं। इन अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री राहत कोष आज गुजरात में जरूरतमंदों के लिए न केवल आर्थिक मदद, बल्कि जीवन बचाने वाली व्यवस्था के रूप में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।
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