गुजरात: सरदारधाम लोकार्पण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी ने दिया नारी शक्ति पर ध्यान, बताया 2026 का प्लान

Published : Aug 25, 2025, 12:15 PM IST
Gujarat: PM Narendra Modi

सार

Gujarat SardarDham Phase 2 inauguration: गुजरात के सरदारधाम फेज और कन्या छात्रावास का लोकार्पण हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दौरान वर्चुअली बेटियों के फायदे के बारे में खुलकर बात की। 

Beti Bachao Beti Padhao Gujarat PM Narendra Modi: मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में अहमदाबाद में रविवार को सरदारधाम फेज 2 तथा शकरीबेन डाह्याभाई पटेल कन्या छात्रालय का लोकार्पण दिल्ली से भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने वर्चुअल तरीके से किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो संदेश द्वारा मौजूद लोगों को संबोधित करने का काम किया। प्री-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के जरिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गुजरात ने आधुनिक विकास के साथ सामाजिक चुनौतियां भी पार की हैं। सामाजिक क्षेत्र में अनेक चुनौतियां पार करके गुजरात आगे आया है। पहले बेटियों की शिक्षा में गुजरात पीछे था, परंतु सभी समाजों ने आगे आकर बेटियों की शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किया। इसलिए आज स्थिति बदल गई है। 25 वर्ष की यात्रा में सबने साथ मिलकर कार्य किया है। सरदारधाम का नाम जितना पवित्र है, उतना ही उसका काम भी पवित्र है। सरदारधाम फेज 2, कन्या छात्रालय में रहकर बेटियों को उनके अरमान एवं सपने पूरे करने का अवसर मिलेगा। यहां पढ़-लिखकर बेटियां राष्ट्र निर्माण के कार्य में सहभागी होंगी और इन शिक्षित बेटियों का परिवार भी समर्थ बनेगा।

प्रधानमंत्री ने आगे अपनी बात में कहा कि इस कन्या छात्रालय की आधारशिला रखने का सौभाग्य उन्हें मिला था और आज यह भवन तैयार हो गया है। वडोदरा में भी सरदारधाम का कार्य चल रहा है। सूरत, मेहसाणा के साथ-साथ बाकी राज्यों के कई नगरों में ऐसे सेंटर बनाए जा रहे हैं। सरदारधाम संस्था का कार्य सचमुच सराहनीय है। प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा, “मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब कहता, ‘भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास जरूरी है।’ गुजरात से जो सिखा, वह काम में आया है। आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, टेक्नोलॉजी; इन सभी क्षेत्रों में गुजरात ने विकास किया है। परिणामस्वरूप गुजरात के कोने-कोने में अभ्यास-शिक्षा की भूख जागी है।”

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “गुजरात के माथे पर एक कलंक था भ्रूण हत्या पाप का। बेटियों की गर्भ में ही हत्या करने का पाप। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल में हमने सूरत से उमियाधाम तक यात्रा की थी, तब ‘बेटा-बेटी एक समान’ नारा गुजरात में गूंजा था।” उन्होंने जोड़ा कि गुजरात नारी शक्ति को पूजने वाला राज्य है। मां उमिया, मां खोडल, अंबाजी, बहुचराजी जैसी नारी शक्ति के हम उपासक हैं। गुजरात में बालिका भ्रूण हत्या का कलंक मिटाने में पाटीदार समाज सहित अनेक समाजों के संगठनों ने आगे आकर सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, जिसके फलस्वरूप गुजरात में भ्रूण हत्या तो थमी ही, साथ ही साथ गुजरात की बेटियां शिक्षा क्षेत्र में भी बहुत आगे बढ़ी हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब समाज का भला करने का काम करने को निकलें, तब ईश्वर भी साथ देता है। अब तो गुजरात में बेटियां भिन्न-भिन्न व्यवसाय करने लगी हैं। उनके आवास-भोजन तथा पढ़ने के लिए भव्य हॉस्टल बन गए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गुजरात के चलते आज देशभर में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ क्षेत्र में काम हो रहा है। ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रीफिंग में भी भारत की बेटियों की आवाज दुनिया ने सुनी थी। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, बैंक सखी, बीमा सखी जैसे अनेक क्षेत्रों में आज भारतभर में महिला उत्कर्ष का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में स्किल पर बल दिया गया है। आज दुनिया को स्किल्ड मैनपावर की जरूरत है। विश्व के कई देश जब वृद्ध जनसंख्या की समस्या से पीड़ित हैं, तब भारत के पास दुनिया को देने के लिए कुशल मानवबल है। भारत सरकार भी अधिक से अधिक रोजगार सृजन के लिए कार्यरत है। आज भारत में स्टार्टअप की संख्या लगभग दो लाख हुई है। अब स्किल की प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, हुनर की प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। पुरानी रुढ़ियों से बाहर निकलकर स्थिति को बदलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना में 33 लाख करोड़ रुपए के लोन दिए गए हैं और युवाओं के हाथ में स्वरोजगार के लिए रुपए आए हैं। प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना 15 अगस्त को लाल किले से घोषित की गई है, जो एक लाख करोड़ रुपए की योजना है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के कारण आज लोग सोलर पावर अपनाने लगे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “सरकार के प्रत्येक अभियान में सामाजिक संगठनों ने साथ दिया है। पाटीदार समाज ने हमेशा मेरी अपेक्षा पूरी की है। जो अभियान, जो मिशन दिए, वे पूरे किए हैं। ऐसे में मेरी भी अपेक्षा बढ़ी है। हम सभी अब स्वदेशी के आग्रही बनें। पाटीदार वर्ग अब केवल किसान नहीं रहा है, बल्कि विभिन्न व्यवसाय-बिजनेस करने लगा है। ऐसे में स्वदेशी अपनाने की पहल करनी होगी। दुकानदार अपनी दुकान के बाहर ‘यहाँ केवल स्वदेशी वस्तु ही मिलती है’ का बोर्ड लगाएं। आज विश्व की जो अस्थिरता है, उसके समक्ष आप आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी आंदोलन का नेतृत्व करें। ऑपरेशन सिंदूर के पराक्रम की तरह स्वदेशी वस्तु का उपयोग एवं विक्रय भी देशभक्ति है।”

पाटीदार समाज का योगदान

इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि गुजरात और पाटीदार समाज के विकास का ग्राफ एक जैसा है। जो समाज बेटियों को शिक्षित करता है और उन्हें स्वावलंबी बनाता है, वह समाज सबसे पहले विकास और प्रगति करता है। पाटीदार समाज ने बेटियों की शिक्षा के जरिए अनोखा विकास हासिल किया है। उन्होंने कहा कि पाटीदार समाज ने पुरुषार्थ की सबसे ऊंचा उद्योग, व्यापार, सरकारी सेवा, सार्जनिक कार्यों और विदेश गमन जैसे सभी क्षेत्रों में विकास किया है, साथ ही देश के विकास में संपूर्ण योगदान दिया है। पाटीदार समाज के दाता एक बार संकल्प कर लें, तो वे किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को पूरा कर सकते हैं और यह कन्या छात्रावास इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

छात्रावास के लोकार्पण के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में इतना बड़ा काम हो रहा है, तब उसमें प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहना उनका कर्तव्य है, लेकिन दिल्ली विधानसभा में सरदार पटेल के बड़े भाई विट्ठलभाई पटेल की स्मृति में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भी मेरी उपस्थिति अनिवार्य थी, इसलिए व्यक्तिगत रूप से सरदार धाम नहीं आ सका। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री के रूप में भारत के अनेक राज्यों में जाना होता है। प्रत्येक भारत एक स्वर में नतमस्तक होकर सरदार पटेल को याद करता है, उनका सम्मान करता है।

जब गुराज के सीएम थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने गुजरात के विकास की मजबूत नींव रखी थी। आदिवासी, किसान, महिला और युवा सहित प्रत्येक वर्ग के उत्कर्ष से गुजरात देश का रोल मॉडल स्टेट बना है। इंफ्रास्ट्रक्चर के श्रेष्ठ विकास से आज गुजरात भारत का ग्लोबल गेटवे बन गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में गुजरात का सभ्यता से लेकर संस्कृति तक, जवान से किसान तक और गांव से लेकर नगर तक व्यापक विकास हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार के प्रयासों में समाज का साथ मिलने से विकास की गति दोगुनी हो जाती है। सरदारधाम जैसी संस्थाएं युवाओं को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। सरदार साहब के नारी सशक्तिकरण के विचारों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कन्या शिक्षा को प्रोत्साहन देकर साकार किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने बेटियों को पढ़ाने के लिए ‘नमो लक्ष्मी’ और ‘नमो सरस्वती विज्ञान साधना’ जैसी प्रोत्साहक योजनाएं लागू की हैं, जिसका अब तक 10.50 लाख से अधिक बेटियों को लाभ मिला है।

सरदारधाम कन्या छात्रावास के दूसरे चरण का लोकार्पण सामाजिक सहयोग से बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह कार्यक्रम ‘सरदारधाम मिशन 2026’ के अंतर्गत पाटीदार समाज द्वारा लिए पांच संकल्पों को सिद्ध करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज लोकार्पित यह कन्या छात्रावास समस्त पाटीदार समाज की बेटियों के लिए उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगा।

नारी शक्ति अभियान की खासियत

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार साहब की 150वीं जयंती का यह वर्ष प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से देश भर में मनाया जा रहा है। उन्होंने सरदार साहब को केवल लौह पुरुष ही नहीं, बल्कि एकता, संस्कार और समाज सेवा का प्रतीक भी बताया। उन्होंने गौरव के साथ कहा कि हम अखंड भारत के शिल्पी और स्वतंत्र भारत के पहले गुजराती गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के उत्तराधिकारी हैं। सरदारधाम जैसी संस्थाएं ‘समाज निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ के ध्येय के साथ बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देकर राष्ट्रनिर्माण में नारी शक्ति के योगदान का एक नया अध्याय शुरू कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 के विकसित भारत के निर्माण के लिए ‘ज्ञान शक्ति’ आधारित चार स्तंभों में नारी शक्ति को भी एक महत्वपूर्ण आधार बताया है। श्री भूपेंद्र पटेल ने इस भव्य कन्या छात्रावास के लोकार्पण अवसर पर सरदारधाम की पूरी टीम को अभिनंदन दिया।

मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के विषय में बात करते हुए कहा कि आजाद भारत में पहली बार भारतीय विचारों और मातृभाषा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था तैयार करने का कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय भाषा में, स्वदेशी और मूल्यनिष्ठ शिक्षा प्रदान करना है, ताकि हमारे युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रही तेज प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प और जनांदोलन है। उन्होंने लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया और कहा कि भारत तभी सच्चे अर्थ में आत्मनिर्भर बनेगा, जब प्रत्येक नागरिक यह मानेगा कि भारतीय वस्तुओं को खरीदना देशभक्ति का कार्य है।

मुख्यमंत्री ने पाटीदार समाज के जज्बे और समाजहित की भावना की प्रशंसा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरदारधाम संस्था, ‘समाज निर्माण से राष्र्औनिर्माण’ के ध्येय के साथ प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत@2047’ के निर्माण के संकल्पों को साकार करने में योगदान देगी। इस अवसर पर गुजरात सरकार के मंत्री श्री ऋषिकेश पटेल, श्री राघवजी पटेल, श्री प्रफुल पानसेरिया, सांसद श्री पुरुषोत्तम रूपाला, पूर्व उप मुख्यमंत्री श्री नितिनभाई पटेल, विधायक श्री प्रकाश वरमोरा सहित पाटीदार समाज के अग्रणी और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

 

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