
कर्नाटक न्यूज। कर्नाटक में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की शुरुआत की गई है। इस नए ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की शुरुआत के साथ ही ट्रैफिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने वाली है। इसका मकसद सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और यातायात नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करना है। इसके तहत बेंगलुरु-मैसूर सड़क नेटवर्क जल्द ही ऐसे कैमरों से लैस होगा जो ट्रैफिक उल्लंघन का तुरंत पता लगाने में कारगार साबित होगा। ये कैमरे अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ ऑन-टाइम कार्रवाई करने में सक्षम बनाएंगे। इसके अलावा सरकार उल्लंघन के लिए फास्टैग के माध्यम से चालान जारी करने की योजना बना रही है।
Goodreturns.in की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रक्रिया को और अधिक आसान करने के लिए टोल गेटों को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा। ये यूनिफाइड यातायात का बिना रोक-टोक प्रवाह सुनिश्चित करेगा और वाहनों की कुशल निगरानी की सुविधा प्रदान करेगा।
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बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे रखी जाएगी सख्त निगरानी
बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेस वे पर यातायात उल्लंघनों पर सख्ती से निगरानी रखने के लिए कैमरे और स्पीड गन लगाए जाने की योजना है। कर्नाटक पुलिस ने नशे में गाड़ी चलाने पर अंकुश लगाने के लिए पहले ही राज्य भर में 155 लेजर स्पीड गन और 800 एल्कोमीटर तैनात कर दिए हैं। ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा के ADGP आलोक कुमार ने घोषणा की है कि पूरा बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे 1 जुलाई तक नए सिस्टम से लैस हो जाएगा।
बेंगलुरु में कब पेश किया गया था ITMS सिस्टम?
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) पहली बार 2022 में बेंगलुरु में पेश किया गया था, जिसमें 250 ऑटोमेटिक नंबर प्लेट की पहचान करने वाले कैमरे और 80 लाल बत्ती पहचान कैमरे पूरे मैसूर में 50 खास जगहों पर लगाए गए थे। इसमें लगभग लगभग रु. 8.5 करोड़ रुपये की लागत आई थी। इस नए सिस्टम को लेकर मैसूर शहर के लिए 4 करोड़ रुपये बांटे गए है। इसके अलावा पूरे मैसूर जिले के लिए 4.5 करोड़ जारी किए गए हैं।
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