
राजकोट। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल राजकोट के एक गेम जोन में लगी भीषण आग के कारण हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की प्रत्यक्ष जानकारी हासिल करने के लिए रविवार सुबह राजकोट पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने गृह राज्य मंत्री श्री हर्ष संघवी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री के. कैलाशनाथन, मुख्य सचिव श्री राजकुमार, पुलिस महानिदेशक श्री विकास सहाय, राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के. दास सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा शहर एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दुर्घटना स्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
इस दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे गृह राज्य मंत्री श्री हर्ष संघवी ने भी शनिवार देर रात घटना स्थल पहुंचकर जो जानकारी हासिल की थी, उससे मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने राजकोट एम्स सहित अन्य अस्पतालों का भी दौरा कर घायलों के उपचार की जानकारी हासिल की। मुख्यमंत्री ने घायलों और उनके परिवारजनों के साथ बातचीत कर उनको मिल रहे उपचार के बारे में जाना और उनकी कुशलता पूछी।
मुख्यमंत्री ने इस हादसे में जान गंवाने वाले निर्दोष व्यक्तियों के परिवारों से मिलकर सांत्वना दी और शोक संतप्त परिवारों के दुःख में सहभागी हुए। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने यह आश्वासन दिया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार आपदाग्रस्तों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने इस दुर्घटना के संदर्भ में स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों तथा घायलों के तत्काल उपचार की व्यवस्था आदि के संबंध में राजकोट के हीरासर एयरपोर्ट पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर उचित मार्गदर्शन भी दिया।
मुख्यमंत्री ने बैठक में इस पूरी दुर्घटना की गहराई से जांच कर इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने का भी स्पष्ट निर्देश दिया।
इस समीक्षा बैठक में बताया गया कि आग की घटना की जानकारी मिलते ही राजकोट महानगर पालिका की अग्निशमन टीम और पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया था। घायलों को अस्पताल पहुंचाने तथा इस आग से लोगों को बचाने के कार्य को प्राथमिकता देते हुए यह पूरी कार्रवाई की गई।
इस आग की घटना में बड़े पैमाने पर लोगों के झुलसने के मामलों को ध्यान में रखते हुए तत्काल उपचार के लिए राजकोट स्थित पीडीयू मेडिकल कॉलेज में 100 बेड की क्षमता वाला बर्न वार्ड तैयार किया गया है।
इतना ही नहीं, घायलों के उपचार में कोई कमी न रहे, इसके लिए पीडीयू मेडिकल कॉलेज राजकोट में अन्य चिकित्सकों तथा पैरा मेडिकल स्टाफ को भी ड्यूटी पर तैनात किया गया था।
इसके अलावा, बर्न इंजरी उपचार के विशेषज्ञ सर्जनों और प्रशिक्षित नर्सों को तत्काल जामनगर, अहमदाबाद, मोरबी, जूनागढ़ और भावनगर से राजकोट बुलाया गया। घायलों को त्वरित गहन उपचार सुविधा मुहैया कराने को उद्देश्य के साथ ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा और बेहतर करने के लिए बीस 108 एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश के अनुसार राज्य सरकार ने इस हादसे में एयर एंबुलेंस की सेवाएं भी ली हैं। सभी शवों की पहचान के लिए उनके डीएनए सैंपल और परिवारजनों के रेफरल सैंपल एयर एंबुलेंस के जरिए गांधीनगर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) में पहुंचाए गए हैं, जहां उनका परीक्षण युद्धस्तर पर जारी है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल द्वारा इस पूरे हादसे के कारणों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के अध्यक्ष अपर पुलिस महानिदेशक श्री सुभाष त्रिवेदी सहित अन्य सदस्य भी देर रात राजकोट पहुंच गए थे। एसआईटी इस घटना के कारणों की जांच कर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट तीन दिनों में राज्य सरकार को सौंपेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि राजकोट शहर पुलिस ने एहतियात के तौर पर शहर के सभी गेम जोन को बंद करने के आदेश दिए हैं, साथ ही फायर सेफ्टी सहित सुरक्षा उपायों की जांच की जा रही है।
इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा भी महानगर पालिकाओं सहित पूरे राज्य में चल रहे गेम जोन की जांच और सुरक्षा उपायों की पड़ताल के लिए आदेश दिए गए हैं।
तदनुसार, ऐसी जांच के लिए पुलिस, राजस्व, फायर सेफ्टी और महानगर पालिका-नगर पालिका के इंजीनियर की टीम बनाई गई है।
इन टीमों ने भी अपना काम शुरू कर दिया है। टीमों द्वारा तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों में जांच कर फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) या अन्य किसी भी संबंधित अनुमति के बिना चलने वाले गेम जोन के खिलाफ तत्काल दंडनीय कार्रवाई की जाएगी और गेम जोन को बंद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के साथ इस समग्र दौरे पर राजकोट शहर के विधायक तथा शहर एवं जिला प्रशासन के अधिकारी और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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