लोकसभा चुनाव से पहले सीता सोरेन ने जेएमएम छोड़ा, ज्वाइन की भाजापा, ये है वजह

Published : Mar 19, 2024, 01:49 PM ISTUpdated : Mar 19, 2024, 03:57 PM IST
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सार

सीता सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री और अपने ससुर शिबू सोरेन को पत्र भेजा है। सीता ने जेएमएम छोड़ने 4 घंटे के भीतर भाजप ज्वाइन कर ली है। वह चंपई सरकार में मंत्री न बनाए जाने से खफा थीं।

रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक सीता सोरेन ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस संबंध में पार्टी के अध्यक्ष शिबू सोरेन को लेटर भेजकर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि उनके औऱ उनके परिवार के खिलाफ साजिश की जा रही है। चंपई सोरेन के मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद उन्हें कोई मंत्री पद नहीं दिया गया था जिससे सीता सोरेन नाराज थीं। इधर इस्तीफा देने के चार घंटे के भीतर ही सीता सोरेन ने भाजपा ज्वाइन कर ली है।   

दिल्ली में ज्वाइन किया भाजपा
दिल्ली में भाजपा कार्यालय में सीता सोरेन ने भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने जेएमएम के विधानसभा सदस्य के पद से भी इस्तीफा दे दिया है। भाजपा ज्वाइन करने के साथ ही उनके दुमका से चुनाव लड़ाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। सीता सोरेन ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के साथ झारखंड को आगे बढ़ाएंगी।

सीता ने शिबू सोरेन को लिखी लंबी चिट्ठी
सीता सोरेन ने शिबू सोरेन को लंबी चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने अपनी पीड़ा बताते हुए लिखा है कि, मेरे पति दुर्गा सोरेन ने झारखंड आंदोलन में अग्रड़ी भूमिका निभाई थी। उन्होंने दिनरात आंदोलन में रहते हुए अपने प्राण तक गंवा दिए लेकिन उनके निधन के बाद से ही परिवार के लोगों ने उन्हें अलग छोड़ दिया गया है। उम्मीद थी कि समय के साथ हालात बदलेंगे लेकिन ऐसे नहीं हुआ। पार्टी को अब ऐसे लोग चला रहे हैं जिनकी नियम और नीतियों हमारे आदर्शों और नैतिक मूल्यों के विपरीत हैं। 

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चंपई के सीएम बनने से नाराज थीं सीता
हेमंत सोरेन को ईडी की छापेमारी के दौरान इस्तीफा देना पड़ा था। वह इन दिनों जेल में बंद हैं। हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले के मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है। इसके बाद नए सीएम पद के लिए पार्टी नेताओं ने चंपई सोरेन को चुना है। चंपई सोरेन को सीएम बनाए जाने के बाद से सीता सोरेन नाखुश थीं। हांलाकि पार्टी के नेताओं ने उन्हें तब किसी तरह मना लिया था, लेकिन अब उन्होंने पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया है। लोकसभा चुनाव पर इससे कोई खास असर पड़ता नहीं दिख रहा है। हां पार्टी के थोड़ बहुत समीकरण ऊपर नीचे हो सकते हैं।   

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