ये हैं झारखंड की वुमेन टॉयलेट मेकर्स, ऐसी 50000 राजमिस्त्रियों ने World Bank को भी चकित किया

Published : Apr 20, 2023, 11:58 AM ISTUpdated : Apr 20, 2023, 12:01 PM IST

'जहां चाह-वहां राह!' आमतौर पर राजमिस्त्री का काम पुरुष ही संभालते रहे हैं, लेकिन झारखंड ने इस मिथक को तोड़ दिया है। झारखंड में इस समय 50000 स्किल्ड वुमेन टॉयलेट मेकर्स यानी राजमिस्त्री हैं।

PREV
15

रांची. 'जहां चाह-वहां राह!' आमतौर पर राजमिस्त्री का काम पुरुष ही संभालते रहे हैं, लेकिन झारखंड ने इस मिथक को तोड़ दिया है। झारखंड में इस समय 50000 स्किल्ड वुमेन टॉयलेट मेकर्स यानी राजमिस्त्री हैं। वर्ल्ड बैंक ने इन महिला राजमिस्त्रियों को टॉयलेट कंस्ट्रक्शन की ट्रेनिंग देकर ट्रेंड किया। ये हैं 2 बच्चों की मां 36 साल की निशात जहां। ये भी स्किल्ड टॉयलेट मेकर हैं।

25

निशात जहां की तरह उनकी सहेली उषा रानी भी झारखंड के हजारीबाग के सिलबर खुर्द गांव में टॉयलेट बनाते देखी जा सकती हैं।

35

40 वर्षीय उर्मिला देवी भी निशात जहां और उषा रानी की तरह ऐसी ही सशक्त महिला हैं। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट कहती है कि उर्मिला देवी अब तक 1000 से ज्यादा शौचालय बनवा चुकी हैं। उर्मिला टॉयलेट निर्माण के लिए राजमिस्त्री का काम करने बिहार के चंपारण तक गई थीं।

45

एक अन्य राजमिस्त्री पूनम देवी ने पिछले साल अब तक 900 शौचालयों का निर्माण किया है। इन राजमिस्त्रियों को 'रानी मिस्त्री-the Queen worker' नाम दिया गया है।

यह भी पढ़ें-मोदी सर, कैसे हो आप? जम्मू गर्ल सीरत नाज़ के Viral वीडियो ने किया जबर्दस्त असर, खुश होकर बच्ची बोली-I Love You

55

झारखंड उन राज्यों में है, जहां स्वच्छ भारत अभियान योजना के लिए वर्ल्ड बैंक से टेक्निकल मदद मिल रही है। हालांकि पहले पुरुष समाज महिलाओं के ऐसा काम करने के खिलाफ थे। लेकिन अब खुश हैं। क्योंकि वे उनकी कमाई अन्य दिहाड़ी अकुशल मजदूरों से दोगुनी है।

क्रेडिट-awazthevoice/ Images Courtesy World Bank report

यह भी पढ़ें-राजस्थान में है 600 साल पुराना एक चमत्कारी दुर्गा मंदिर, यहां 13 पीढ़ी से पूजा-पाठ करता आ रहा है मुस्लिम परिवार

झारखंड की सरकार, खनन-उद्योग, आदिवासी क्षेत्रों की खबरें, रोजगार-विकास परियोजनाएं और सुरक्षा अपडेट्स पढ़ें। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और ग्रामीण इलाकों की ताज़ा जानकारी के लिए Jharkhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय स्थानीय रिपोर्टिंग सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories