मछली पालन से लेकर विदेशों में निर्यात तक, भोपाल के इस कॉन्क्लेव में क्या होगा खास?

Published : Oct 22, 2026, 11:07 PM IST
bhopal fisheries investors exporters conclave 2026 madhya pradesh

सार

Madhya Pradesh Fisheries Conclave 2026: भोपाल में 23 अक्टूबर को राष्ट्रीय फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 आयोजित होगा। 4.50 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र वाले मध्य प्रदेश में मत्स्य पालन, प्रोसेसिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों व निर्यातकों को एक मंच पर लाया जाएगा।

मध्य प्रदेश की जल संपदा अब मछली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे निवेश, आधुनिक प्रोसेसिंग और निर्यात के नए रास्ते खोलने की तैयारी है। इसी दिशा में भोपाल में 23 अक्टूबर को राष्ट्रीय फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 आयोजित होगा। इसमें निवेशकों, निर्यातकों और मत्स्य उद्यमियों को एक मंच पर लाकर कारोबार की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

भोपाल में जुटेंगे निवेशक और निर्यातक, CM मोहन यादव करेंगे शुभारंभ

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में होने वाले इस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल और मध्य प्रदेश के मत्स्य विकास राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कॉन्क्लेव का लक्ष्य मत्स्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड-चेन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच को मजबूत करना है। इसमें निवेशक, निर्यातक, स्टार्टअप और विशेषज्ञ व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

यह भी पढ़ें: बिजनौर पुलिस के WhatsApp Group में किसने भेजा SHO का गंदा VIDEO? हो गए ससपेंड

4.50 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र, मत्स्य कारोबार में निवेश की संभावनाएं

मध्य प्रदेश में लगभग 4.50 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र उपलब्ध है। इसका उपयोग अंतर्देशीय मत्स्य पालन, केज कल्चर और मत्स्य आधारित उद्योगों के विकास में किया जा सकता है। सरकार का जोर मछली उत्पादन के साथ उसकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने पर है।

इससे मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर तैयार करने की संभावनाएं हैं। हालांकि, इसका वास्तविक असर निवेश, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और बाजार तक पहुंच पर निर्भर करेगा।

निवेश गाइडलाइन जारी होगी, बायर-सेलर मीट में बनेंगे कारोबारी संपर्क

सम्मेलन में ‘मध्यप्रदेश मत्स्य निवेश एवं निर्यात मार्गदर्शिका-2026’ और अंतर्देशीय राज्यों की मत्स्य निर्यात क्षमता बढ़ाने से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया जारी की जाएगी। एकीकृत केज कल्चर इकाइयों का वर्चुअल उद्घाटन भी होगा और जलाशयों व अमृत सरोवरों के विकास से जुड़ी परियोजनाओं के प्रशासनिक स्वीकृति-पत्र दिए जाएंगे।

इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड, मत्स्य सहकारी समितियों, स्टार्टअप और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के चयनित लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। विशेष बायर-सेलर मीट में केज इन्वेस्टर्स, निर्यातकों और पर्ल ट्रेडर्स को स्थानीय उत्पादकों से सीधे संवाद का मौका मिलेगा।

यह भी पढ़ें: बरेली में 267 हेक्टेयर में बसने जा रही नई दुनिया, 9 गांवों की जमीन पर बनेगी सप्तनाथ ईको सिटी

PREV

मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Invest MP: कुमार मंगलम बिरला से मिले CM मोहन यादव, दिया GIS का न्योता
मामी के साथ बेडरूम में था भांजा, फिर मामा ने जो शर्मनाक सीन देखा तो कत्ल ही करना पड़ा