
भारत में युवाओं को नशे से दूर रखने की मुहिम अब सिर्फ सरकारी अभियान तक सीमित नहीं रह गई है। ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से सीधे जुड़ने और अपनी रचनात्मकता के जरिए नशे के खिलाफ माहौल बनाने की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह देशभर में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यह अभियान 2 अगस्त से देशभर में शुरू किया गया है और लगातार 100 सप्ताह तक चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य खासतौर पर युवाओं को नशे के नुकसान के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के तहत प्रत्येक रविवार को समाजसेवा और जन-जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि नशे के खिलाफ संदेश सिर्फ कार्यक्रमों तक न रहे, बल्कि समाज के बीच लगातार पहुंचे।
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प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण में अभियान का जिक्र करते हुए युवाओं से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपनी मौजूदा पीढ़ी की पसंद को ध्यान में रखते हुए स्लोगन, जिंगल, गाने, ग्राफिक्स, क्रिएटिव और छोटे नाटक तैयार कर सकते हैं। पीएम ने Content Creators, युवा संगीतकारों, छात्रों और थिएटर समूहों से ऐसे कंटेंट बनाने का आह्वान किया, जो नशे के नुकसान के साथ-साथ उससे बाहर निकलने का रास्ता भी बताए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे की लत का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और समाज को भी इसके परिणाम झेलने पड़ते हैं। उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद करने वालों की सराहना की। उन्होंने युवाओं से अलग-अलग भारतीय भाषाओं में Creative Content बनाने और सोशल मीडिया के जरिए इसे लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उनका कहना है कि कई बार एक प्रभावी रचनात्मक प्रयास किसी औपचारिक अभियान से भी ज्यादा असर पैदा कर सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अभियान की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक भागीदारी से ‘नशा मुक्त युवा, ड्रग फ्री इंडिया’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है। अब इस मुहिम में देश के युवाओं की भागीदारी को इसकी सफलता की अहम कड़ी माना जा रहा है।
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