
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित अपेक्स बैंक मुख्यालय परिसर में अशोक का पौधा लगाकर ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के तहत प्रदेशव्यापी हरित सहकार अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के अंतर्गत अपेक्स बैंक मुख्यालय, सभी जिला सहकारी बैंकों और प्रदेश की प्रत्येक प्राथमिक सहकारी समिति (पेक्स) में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह अभियान पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर 21 जून विश्व योग दिवस तक चलने वाले विशेष अभियान के दौरान सहकारी संस्थाओं के माध्यम से प्रदेशभर में एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन के 13वें वर्ष की शुरुआत के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान प्रारंभ किया गया है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जनसहभागिता का भी बड़ा माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से मिल्क कैपिटल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के किसान दुग्ध उत्पादन को आय बढ़ाने के प्रभावी साधन के रूप में अपना रहे हैं। दूध उत्पादन बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादन में 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया है। अमूल मॉडल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सहकारिता आधारित व्यवस्था ने किसानों को समृद्धि का नया रास्ता दिखाया है। प्रदेश सरकार भी सांची के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन दे रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार उद्यानिकी फसलों को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके साथ ही गन्ना उत्पादक किसानों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कोलारस क्षेत्र में शुगर फैक्ट्री स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना के माध्यम से सिंचाई क्षेत्र का विस्तार कर रही है। किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती को मजबूती मिल रही है। उन्होंने बताया कि गेहूं उत्पादन और उपार्जन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने इस वर्ष नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछली बार 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जबकि वर्ष 2026 में 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ प्रति क्विंटल 40 रुपये बोनस देकर कुल 2625 रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना का लाभ भी दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी प्राथमिक सहकारी समिति (पेक्स) में अधिकारी या कर्मचारी अनियमितता करते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इसका असर समिति से जुड़े किसानों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल दोषी व्यक्ति पर होगी, न कि पूरी संस्था पर। सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आर्थिक प्रगति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को आम की टोकरी भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डीपी आहूजा, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष महेंद्र सिंह, नाबार्ड के प्रबंध संचालक मनोज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और सहकारी क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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