देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा एक्शन, 3 अफसर सस्पेंड

Published : May 16, 2026, 07:19 PM IST
Mohan Yadav

सार

Dewas Firecracker Factory Blast Case: देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लेते हुए तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि हादसे के जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। 

भोपाल: देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। बता दें जिले में 14 मई को पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ था। विस्फोट इतना भयानक था कि कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और राहत-बचाव टीमों को मौके पर पहुंचाया गया था।

किन अधिकारियों पर गिरी गाज?

भोपाल से जारी आदेश के मुताबिक, देवास जिले में हुए पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एसडीएम संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा और एसडीओ (पुलिस) दीपा मांडवे को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन के दौरान एसडीएम संजीव सक्सेना और नायब तहसीलदार रवि शर्मा को देवास कलेक्टर कार्यालय अटैच किया गया है। वहीं, एसडीओ दीपा मांडवे को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। शासन की ओर से इन तीनों के निलंबन के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

आदेश में क्या कहा गया?

संभागायुक्त के आदेश के अनुसार, एसडीएम संजीव सक्सेना और टप्पा चिडावद, तहसील टोंकखुर्द के नायब तहसीलदार रवि शर्मा ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और उदासीनता बरती। दोनों अधिकारियों की अनियमितता के कारण यह बड़ी घटना हुई। इसे अनुशासनहीनता और कदाचार की श्रेणी में माना गया है। इसी वजह से दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

पुलिस अधिकारी पर भी हुई कार्रवाई

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि 14 मई को देवास की तहसील टोंकखुर्द स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में कई लोगों की मौत हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। एसडीओ (पुलिस) दीपा मांडवे पर आरोप है कि उन्होंने समय-समय पर फैक्ट्री संचालन का निरीक्षण नहीं किया। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भी नहीं भेजी गई। सरकार ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही माना है, जिसके चलते उन्हें भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।

सीएम ने दिया था कार्रवाई का भरोसा

14 मई को हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख जताया था। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आर्थिक सहायता का ऐलान भी किया। सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के निर्देश भी दिए और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजने के आदेश दिए गए थे। CM डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा था कि इस हादसे में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

 

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