
भोपाल/जबलपुर। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे देश के साथ मध्यप्रदेश भी योग के रंग में रंगा नजर आया। जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ, संतुलित और निरोग जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल मंगुभाई पटेल को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।
योग के रूप में भारत ने विश्व को मानवता के कल्याण का अमूल्य उपहार प्रदान किया है...
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज आदरणीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के मुख्य आतिथ्य एवं माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल जी की गरिमामयी उपस्थिति में जबलपुर में आयोजित राज्य… pic.twitter.com/kxq09hnNro— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 21, 2026
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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का ऐसा अमूल्य उपहार है, जिसने पूरी मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन जीने का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग हमारे ऋषि-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना और ज्ञान का परिणाम है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है और योग इसी संतुलन को स्थापित करने का माध्यम है। योग का अर्थ जोड़ना है। यह व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और संपूर्ण मानवता को व्यापक चेतना से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब दुनिया अनेक चुनौतियों से गुजर रही है, तब योग शांति, समरसता, संतुलन और वैश्विक कल्याण का प्रभावी मार्ग प्रस्तुत कर रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। पिछले 12 वर्षों में योग विश्व कल्याण के एक प्रभावशाली माध्यम के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना चुके हैं। हाल ही में अहमदाबाद में आयोजित प्रथम वर्ल्ड योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप इसका उदाहरण है, जिसमें कई देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ रखी गई है। व्यक्ति आज जिस जीवनशैली को अपनाता है, वही उसके भविष्य के स्वास्थ्य और सुख का आधार बनती है। उन्होंने कहा कि योग बढ़ती उम्र में भी व्यक्ति को सक्रिय, आत्मनिर्भर और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। इसके साथ ही यह मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि आज जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए समग्र चिकित्सा पद्धति का उपयोग बढ़ रहा है, जिसमें योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि योग एक सरल, प्रभावी और सभी के लिए सुलभ उपाय है। भारत सरकार योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के माध्यम से इसे जन-जन तक पहुंचाने का लगातार प्रयास कर रही है। राष्ट्रपति ने देशवासियों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में मदद मिलेगी।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सहज और आनंदमय बनाता है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था, आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान और सम्मान मिला है। प्राणायाम के माध्यम से व्यक्ति केवल सांस ही नहीं लेता, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और नई सोच को भी ग्रहण करता है। राज्यपाल ने कहा कि ध्यान मन को शांत करता है और व्यक्ति को आत्मचिंतन का अवसर देता है। प्रतिदिन केवल 20 से 30 मिनट का योग, ध्यान और प्राणायाम जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे विश्व में उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ वैश्विक स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश देती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग आज वैश्विक आंदोलन का रूप ले चुका है। इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित किया गया है, जबकि दुनिया के करीब 2500 स्थानों और 210 से अधिक भारतीय दूतावासों में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय ऋषि परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस का प्रस्ताव रखने पर 175 से अधिक देशों ने इसका समर्थन किया था। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सामूहिक योग कार्यक्रमों में लगभग 30 से 35 करोड़ लोगों की भागीदारी हो रही है। मध्यप्रदेश में भी ‘हर घर योग’ अभियान के माध्यम से योग को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और महर्षि पतंजलि को नमन करते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में जबलपुर में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति ने हमेशा पूरी दुनिया को एक परिवार माना है। भारत ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ जैसे संदेशों के माध्यम से विश्व कल्याण की भावना को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश योग और आध्यात्मिक साधना की भूमि रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी, जहां उन्होंने योग विज्ञान सहित अनेक विद्याओं का अध्ययन किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के 200 से अधिक देशों में योगाभ्यास हो रहा है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक शक्ति का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून का दिन केवल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ही नहीं, बल्कि खगोलीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसी दिन सूर्य अपनी दिशा बदलते हुए उत्तरायण से दक्षिणायन की ओर यात्रा प्रारंभ करता है। इसलिए यह दिन भारतीय परंपरा और संस्कृति में विशेष महत्व रखता है।
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