
दुबई / भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे में निवेश को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित AIM Congress-2026 में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने एक ही दिन में तातारस्तान और UAE के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठकें कीं।
इन बैठकों का फोकस साफ रहा- मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश बढ़ाना, अलग-अलग सेक्टर में रणनीतिक साझेदारी तलाशना और आगामी Global Investors Summit (GIS) में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना। मुख्यमंत्री ने तातारस्तान के प्रमुख (रईस) महामहिम रुस्तम मिन्निखानोव के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। इसके बाद UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री हिज एक्सेलेंसी डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी के साथ वन-टू-वन बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव के सामने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और निवेश के लिए तैयार किए गए माहौल की जानकारी रखी। दोनों पक्षों के बीच एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, कृषि, कौशल विकास और इनोवेशन आधारित आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य केवल निवेश के अवसरों पर बातचीत तक सीमित नहीं रहा। दोनों पक्षों ने सेक्टर-विशिष्ट रणनीतिक साझेदारियों की पहचान और उन्हें व्यावहारिक रूप देने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रुस्तम मिन्निखानोव को मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी Global Investors Summit में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। तातारस्तान के प्रमुख ने इस आमंत्रण का स्वागत किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे एक मजबूत निवेशक प्रतिनिधिमंडल के साथ GIS में शामिल होंगे और मध्यप्रदेश में निवेश की ठोस संभावनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। यह मुलाकात भारत और तातारस्तान के बीच बढ़ते आर्थिक रिश्तों के लिहाज से भी अहम रही। दोनों पक्षों ने B2B और G2G स्तर पर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
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बैठक में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय बिजनेस मिशन आयोजित करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं को जमीन पर उतारने और तेज समन्वय के लिए अधिकृत नोडल अधिकारियों की नियुक्ति पर भी सहमति बनी। तातारस्तान की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और मध्यप्रदेश के कारोबारी प्रतिनिधियों को “टाइम: रूस–भारत” फोरम और उससे जुड़ी प्रदर्शनी में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया गया। यानी बातचीत अब सिर्फ बैठक और प्रस्तावों तक नहीं रहेगी। दोनों पक्ष आगे के लिए संस्थागत स्तर पर भी संपर्क मजबूत करने की तैयारी में हैं।
दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी के साथ भी उच्चस्तरीय वन-टू-वन बैठक की। इस बातचीत में India-UAE Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) के तहत गैर-तेल व्यापार को बढ़ाने, उन्नत तकनीक को बढ़ावा देने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और सीमा-पार निवेश को गति देने पर चर्चा हुई। मध्यप्रदेश की ओर से बैठक का एक बड़ा उद्देश्य UAE के निवेशकों को प्रदेश की क्षमता से परिचित कराना और उन्हें यहां निवेश के लिए आकर्षित करना रहा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UAE के निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि देश के प्रमुख बाजारों तक मध्यप्रदेश की पहुंच आसान है। राज्य में औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, स्थापित इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिस्पर्धी लागत निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण फायदे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य की उद्योग-हितैषी नीतियों और सिंगल विंडो सुविधा का भी उल्लेख किया। उन्होंने UAE के निवेशकों को राज्य स्तर से समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
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बैठक में मध्यप्रदेश में निवेश के कई संभावित क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इनमें खास तौर पर यह शामिल रहे-
मुख्यमंत्री ने UAE की कंपनियों और निवेशकों से फूड पार्क, मत्स्य पालन, एक्वाकल्चर, कोल्ड चेन, ग्रीन एनर्जी और एक्सपोर्ट प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी को भी आगामी Global Investors Summit में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि वे UAE के प्रमुख निवेशकों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल लेकर मध्यप्रदेश आएंगे। इससे मध्यप्रदेश को UAE के निवेशकों के सामने अपने औद्योगिक और कारोबारी अवसरों को सीधे रखने का बड़ा मंच मिलेगा।
दोनों पक्षों ने बातचीत को जमीन पर उतारने के लिए अगले कदम भी तय किए हैं। इसके तहत 5 से 10 क्रियान्वयन-तैयार परियोजनाओं की पहचान करने पर सहमति बनी है। इन परियोजनाओं पर आगे काम करने के लिए संयुक्त समीक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। साथ ही 'मध्यप्रदेश-यूएई इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल' आयोजित करने की योजना है।
चयनित परियोजनाओं के लिए समर्पित नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इन अधिकारियों के जरिए निवेश प्रस्तावों पर तेजी से समन्वय किया जाएगा और पहली प्रगति समीक्षा तीन महीने के भीतर किए जाने की बात तय हुई है।
AIM Congress-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इन बैठकों को मध्यप्रदेश की ग्लोबल निवेश रणनीति के लिहाज से अहम माना जा सकता है। एक तरफ तातारस्तान के साथ रूस-भारत आर्थिक सहयोग को मध्यप्रदेश के निवेश अवसरों से जोड़ने की कोशिश हुई, तो दूसरी तरफ UAE के साथ CEPA, सप्लाई चेन और सीमा-पार निवेश पर बातचीत आगे बढ़ी।
मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर है कि अंतरराष्ट्रीय निवेश को केवल प्रस्तावों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे ठोस परियोजनाओं में बदला जाए। इसी वजह से नोडल अधिकारी, बिजनेस मिशन, निवेश राउंड टेबल और तीन महीने की समीक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है।
अब नजर आगामी Global Investors Summit पर रहेगी, जहां तातारस्तान और UAE से प्रस्तावित निवेशक प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी मध्यप्रदेश के लिए नए निवेश अवसर खोल सकती है।
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