MP Atithi Vidwan Sammelan: अतिथि विद्वानों के हित में सरकार का बड़ा प्लान, CM मोहन यादव का भरोसा

Published : Jul 10, 2026, 04:03 PM IST
MP Atithi Vidwan Sammelan Bhopal mohan yadav

सार

भोपाल में अतिथि विद्वान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिथि विद्वानों के हित में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया और शिक्षा सुधारों पर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।

भोपाल। राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में 10 जुलाई को आयोजित प्रदेश स्तरीय अतिथि विद्वान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिथि विद्वानों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार अतिथि विद्वानों के कल्याण और हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि अतिथि विद्वान समिति किसी अन्य राज्य की बेहतर व्यवस्था को मध्यप्रदेश में लागू करवाना चाहती है, तो उसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार के सामने रखे। सरकार हर सकारात्मक पहल में उनके साथ खड़ी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले समिति का गठन किया गया है। अब काम को टालने या उलझाने का दौर समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए निर्णय लेने और उन्हें तेजी से लागू करने की आवश्यकता है। सरकार और अतिथि विद्वानों के बीच भरोसे का संबंध बना रहेगा तथा उनके हित में जो भी संभव होगा, वह किया जाएगा।

CM Mohan Yadav News: गुरु की भूमिका से भविष्य निर्माण का दिया संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरी दुनिया भारत को "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना के कारण पहचानती है। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब गुरु विश्वामित्र ने राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने का आग्रह किया, तब उनका उद्देश्य केवल राक्षसों का विनाश नहीं था, बल्कि भविष्य का निर्माण करना भी था।

उन्होंने कहा कि गुरु विश्वामित्र को अपने शिष्यों की क्षमता पर पूरा विश्वास था। इसी आत्मविश्वास ने भगवान श्रीराम को महान योद्धा और आदर्श शासक बनने की दिशा दी। यह उदाहरण बताता है कि एक शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि भविष्य भी तैयार करता है।

Guest Faculty Conference MP: गुरु का आत्मविश्वास ही विद्यार्थियों की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन में गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं भगवान श्रीकृष्ण ने भी कंस वध के बाद उज्जैन स्थित गुरु सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा प्राप्त की। वहां उन्होंने 64 कलाएं और 14 विद्याओं का अध्ययन किया तथा सुदामा के साथ मित्रता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो आज भी समाज को समानता और सादगी का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हर शिक्षक का आत्मविश्वास ही विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और यही भविष्य निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।

Madhya Pradesh Higher Education: नवाचार और नैतिक मूल्यों पर आधारित होगी शिक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अतिथि विद्वान केवल रिक्त पदों को भरने वाले कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा रूपी मंदिर के पुजारी हैं। उनके प्रयासों से आने वाली पीढ़ी का भविष्य मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा को लगातार मजबूत बना रही है। देश में सबसे पहले पीएम एक्सीलेंस कॉलेज मध्यप्रदेश में शुरू किए गए। इसके अलावा नए विश्वविद्यालयों की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज प्रदेश में स्कूलों में ड्रॉपआउट लगभग शून्य की स्थिति में पहुंच चुका है। नई शिक्षा व्यवस्था नवाचार, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों पर आधारित बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और जनसंख्या के अनुपात में मध्यप्रदेश सबसे युवा राज्यों में शामिल है। ऐसे में शिक्षकों और अतिथि विद्वानों की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ जाती है।

Atithi Vidwan Latest Update: सरकार ने अतिथि विद्वानों को दी कई नई सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अतिथि विद्वानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब उन्हें 13 आकस्मिक अवकाश और 3 ऐच्छिक अवकाश की सुविधा मिल रही है। महिला अतिथि विद्वानों को प्रसूति अवकाश भी दिया गया है। इसके अलावा वर्ष में एक बार नजदीकी स्थान पर स्थानांतरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक भर्ती में अतिथि विद्वानों के लिए 25 प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं और आयु सीमा में 10 वर्ष तक की छूट भी दी गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में 117 तथा वर्ष 2024 में 48 अतिथि विद्वानों की नियुक्ति की जा चुकी है।

MP Government News: विकास, भर्ती और नशा मुक्त मध्यप्रदेश पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार विकास कार्यों और जनसेवाओं को गति दे रही है। प्रदेश में लंबित पदोन्नतियों की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और प्रतिदिन नई सूची जारी हो रही है। सरकार ने प्रशासनिक बाधाओं को दूर करते हुए निर्णय प्रक्रिया को तेज बनाया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान, युवा, महिला और गरीब वर्ग के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिलने के बाद अब सरकार नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2029 तक प्रदेश को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Higher Education Minister Inder Singh Parmar: अतिथि विद्वानों के लिए कल्याणकारी फैसलों की जानकारी

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि राज्य सरकार ने अतिथि विद्वानों के लिए आकस्मिक और ऐच्छिक अवकाश की व्यवस्था लागू की है। महिला अतिथि विद्वानों को प्रसूति अवकाश का लाभ भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में अतिथि विद्वानों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। साथ ही वर्ष में एक बार स्थान परिवर्तन और फॉल-आउट की स्थिति में हर महीने दो अवसर देकर दोबारा कार्य करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने अतिथि विद्वानों के हित में पांच महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर सुझाव देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी कहा कि राज्य सरकार ने अतिथि विद्वानों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

PREV

मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

MP News: IIT की रिपोर्ट में पास हुई ओंकारेश्वर की 'एकात्मता की मूर्ति', 500 साल तक रहेगी सुरक्षित
MP News: सिंहस्थ-2028 से पहले CM मोहन यादव का मालवा को बड़ा तोहफा