
मध्यप्रदेश में विकास योजनाओं को तेज रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में शिक्षा, कृषि, सिंचाई, वन संरक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया गया है।
सरकार ने प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए कुल 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इन योजनाओं से किसानों, छात्रों और आम नागरिकों को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि भोपाल में एक आधुनिक Financial Training and Research Institute (FTRI) स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान वित्तीय प्रशासन और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों को बेहतर और मानकीकृत प्रशिक्षण देने का काम करेगा।
यह संस्थान आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी परिसर में बनाया जाएगा। इसके जरिए सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, अनुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। अगले तीन वर्षों में इसके संचालन पर लगभग 26 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए चना और मसूर की खरीद के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। इसके लिए अगले तीन वर्षों में 3,174 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
यह खरीद भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत की जाएगी। इस योजना के अनुसार चने के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत और मसूर के उत्पादन का 100 प्रतिशत तक खरीद किया जाएगा। इससे किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।
सरकार ने मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
इस परियोजना से भानपुरा तहसील के लगभग 12 गांवों के 3500 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे खेती में पानी की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
प्रदेश में जंगलों के संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए भी बड़ा बजट तय किया गया है। सरकार ने वन क्षेत्र में सुधार और संरक्षण के लिए 5,215 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह योजना वर्ष 2026 से 2031 तक लागू रहेगी।
इसके तहत जंगलों के पुनरुत्पादन, संरक्षण और पुराने कार्यों के रखरखाव पर काम किया जाएगा।
मंत्रि-परिषद की बैठक में शिक्षा से जुड़ी कई योजनाओं को भी मंजूरी मिली।
इन फैसलों का मकसद स्कूल शिक्षा को मजबूत करना और छात्रों को बेहतर सुविधाएं देना है।
सरकार ने एक और अहम फैसला लेते हुए अनुसूचित जाति वर्ग के उन छात्रों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है, जो दिल्ली में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
इस योजना के तहत छात्रों को हर महीने 10,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। इससे बाहर पढ़ने वाले छात्रों को आर्थिक सहयोग मिलेगा।
सरकार ने उज्जैन की हवाई पट्टी को विकसित करने का भी फैसला लिया है, ताकि यहां एयरबस जैसे बड़े विमान उतर सकें। इसके लिए लगभग 437.5 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जाएगी और इस पर 590 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह काम UDAN Scheme के तहत किया जाएगा। उज्जैन धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से देश-विदेश में महत्वपूर्ण शहर है। यहां महाकालेश्वर स्थित है और सिंहस्थ कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन भी होते हैं। इसलिए हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने से पर्यटन और व्यापार दोनों को फायदा मिलेगा।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। किसानों, छात्रों और आम नागरिकों के लिए शुरू की गई योजनाओं से आर्थिक और सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
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