
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की बेटियों को सशक्त बनाने और उनके उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सहयोग और सहारा देने का एक मजबूत माध्यम है।
मुख्यमंत्री रविवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर धार जिले के ग्राम सिरसोदिया में ‘मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना’ के तहत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि धार जिले की यह भूमि भगवान श्री कृष्ण और माता रुक्मणी की ऐतिहासिक स्मृतियों से जुड़ी हुई है, जिससे इस आयोजन का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि विवाह भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और समाज की मजबूत नींव है। प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ हमेशा खड़ी रहती है और उन्हें हर संभव मदद देती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर अभिभावक की भूमिका निभाते हुए सभी 400 नवविवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें सुखी और सफल वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह एक पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कार है। यह 16 संस्कारों में सबसे प्रमुख माना जाता है, जिसे ‘पाणिग्रहण संस्कार’ भी कहा जाता है। सरकार की इस योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की चिंता कम हुई है और अब वे अपनी बेटियों की शादी को बोझ नहीं, बल्कि एक खुशियों का अवसर मान सकते हैं।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत गरीब, जरूरतमंद और निराश्रित परिवारों को उनकी बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को 49,000 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाती है, जिससे विवाह का खर्च उठाने में उन्हें राहत मिलती है।
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