
भोपाल। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 अगस्त को गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की चौथी नई विनिर्माण इकाई का शुभारंभ करेंगे। इस विस्तार पर कंपनी की ओर से 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है।
नई इकाई के शुरू होने के बाद मालनपुर में उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्र में 2,250 से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पीडब्ल्यूडी में नियुक्त किए गए अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रमाण-पत्र भी वितरित करेंगे। इस मौके पर श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री और भिंड जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला समेत अन्य जनप्रतिनिधि और गोदरेज समूह के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के मालनपुर संयंत्र के विस्तार के तहत आधुनिक उत्पादन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। कंपनी यहां 10 मीट्रिक टन प्रति घंटे की क्षमता वाला निरंतर सैपोनिफिकेशन प्लांट स्थापित कर रही है। इसके साथ ही प्रति मिनट 217 बंडल की क्षमता वाली ऑटोमेटेड पैकेजिंग प्रणाली भी लगाई जा रही है। इससे उत्पादन और पैकेजिंग की प्रक्रिया को पहले के मुकाबले काफी अधिक क्षमता के साथ संचालित किया जा सकेगा। इस निवेश का असर केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता तक सीमित नहीं रहेगा। मालनपुर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार तथा स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों को भी इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
विस्तार के बाद मालनपुर संयंत्र में अलग-अलग उत्पादों के उत्पादन की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। यहां हर साल करीब 42 करोड़ हेयर कलर सैशे, 14 करोड़ मच्छर निरोधक उत्पाद और 10 करोड़ एयर फ्रेशनर सैशे तैयार करने की क्षमता विकसित होगी। इसके अलावा हेयर क्रीम के उत्पादन की क्षमता करीब 7,300 मीट्रिक टन सालाना होगी। यानी नई सुविधाओं के साथ मालनपुर प्लांट सिर्फ एक उत्पाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गोदरेज के कई प्रमुख FMCG उत्पादों के लिए अहम विनिर्माण केंद्र के तौर पर अपनी भूमिका और मजबूत करेगा।
इस औद्योगिक विस्तार का सबसे बड़ा असर रोजगार के स्तर पर देखने को मिल सकता है। कंपनी के विस्तार से 2,250 से अधिक नए रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। भिंड और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के लिए यह निवेश स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए विकल्प तैयार कर सकता है। इससे औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के साथ-साथ इससे जुड़ी सप्लाई, परिवहन और अन्य सेवाओं में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। सरकार की ओर से भी लगातार इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि बड़े निवेश को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए। मालनपुर का यह विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गोदरेज के विस्तार से राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्पादन क्षमता बढ़ने के बाद मध्य प्रदेश को हर साल करीब 185 करोड़ रुपये का अतिरिक्त CGST और SGST राजस्व मिलने का अनुमान है। इस तरह 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश एक तरफ उत्पादन और रोजगार बढ़ाएगा, तो दूसरी ओर राज्य के कर राजस्व को भी मजबूत करेगा।
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड का मालनपुर संयंत्र नया नहीं है। कंपनी 1991 से यहां काम कर रही है। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित यह संयंत्र करीब 65 एकड़ में फैला हुआ है। कंपनी की ओर से अब तक मालनपुर में करीब 850 करोड़ रुपये का संचयी निवेश किया जा चुका है। तीन दशक से अधिक समय में यह प्लांट गोदरेज के विनिर्माण नेटवर्क के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। यहां साबुन, हेयर कलर और घरेलू कीटनाशक समेत कई तरह के उत्पादों का निर्माण किया जाता है।
औद्योगिक विस्तार के साथ पर्यावरण को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मालनपुर संयंत्र में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम के साथ 204 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में उसकी प्रतिबद्धता भी इस विस्तार का हिस्सा है। डॉव जोंस सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स के आधार पर गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को दुनिया की दूसरी सबसे टिकाऊ FMCG कंपनियों में शामिल किया गया है। इस लिहाज से नए निवेश में उत्पादन बढ़ाने के साथ ऊर्जा और जल प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मालनपुर संयंत्र की मौजूदा उत्पादन क्षमता भी पहले से काफी बड़ी है। वर्तमान में यहां हर साल करीब 1.50 लाख मीट्रिक टन साबुन नूडल्स और 70 हजार मीट्रिक टन तैयार टॉयलेट साबुन बनाने की क्षमता है। विस्तार पूरा होने के बाद साबुन नूडल्स की क्षमता बढ़कर 2 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। वहीं तैयार साबुन की उत्पादन क्षमता बढ़कर 1.20 लाख मीट्रिक टन सालाना हो जाएगी। इस तरह दोनों को मिलाकर संयंत्र की कुल उत्पादन क्षमता करीब 3.20 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष तक पहुंच जाएगी।
इतनी बड़ी क्षमता के बाद मालनपुर संयंत्र एशिया की सबसे बड़ी एकीकृत साबुन विनिर्माण इकाइयों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सरकार के लिए भी यह निवेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भिंड जैसे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन, रोजगार और राजस्व- तीनों को बढ़ावा मिलेगा।
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