
भोपाल/कटनी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जुलाई को कटनी जिले के झिंझरी और बहोरीबंद में नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, सनातन संस्कृति, स्लीमनाबाद टनल, किसानों के विकास और समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण, कंस और सुदामा की कथा का उल्लेख करते हुए बच्चों को शिक्षा और मित्रता का महत्व समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आगामी विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में सभी धर्मों के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) लाने की दिशा में कदम बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश 'एक देश, एक विधान, एक निशान और एक कानून' की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में हिंदू, मुस्लिम सहित सभी धर्मों के नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रस्ताव लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत एक ही विवाह को कानूनी मान्यता दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि भोपाल के पास स्थित जगदीशपुर (पूर्व में इस्लामनगर) में कैबिनेट बैठक आयोजित कर समान नागरिक संहिता से जुड़े प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि समान कानून को लेकर हुई बैठकों में विपक्ष ने भाग नहीं लिया और तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी।
कटनी के झिंझरी और बहोरीबंद में बने नए सांदीपनि विद्यालयों का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि एक समय सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए टाट-पट्टी तक नहीं होती थी, लेकिन अब आधुनिक सुविधाओं से लैस विद्यालय तैयार किए जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ने से अब कई छात्र निजी स्कूलों की बजाय सरकारी स्कूलों का रुख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार विद्यार्थियों को किताबें, साइकिल, यूनिफॉर्म, स्कूटी और लैपटॉप जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है ताकि बेहतर शिक्षा का माहौल तैयार हो सके।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ा प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कंस वध के बाद भी भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा को सर्वोच्च स्थान दिया और सांदीपनि आश्रम पहुंचकर विद्या ग्रहण की। उन्होंने बताया कि इसी आश्रम में श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता हुई। यहां श्रीकृष्ण ने 64 कलाएं, 14 विद्याएं, चारों वेद, 18 पुराण और शस्त्र-विद्या का ज्ञान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि जीवन में चाहे जितनी ऊंचाई हासिल करें, अपने पुराने मित्रों को कभी न भूलें। उन्होंने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि सच्ची मित्रता हमेशा सम्मान और सहयोग का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार गुरु पूर्णिमा पर विशेष आयोजन करेगी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों में कुलपति पद का नाम बदलकर कुलगुरु किया गया है, ताकि भारतीय परंपरा और गुरु की गरिमा को सम्मान मिल सके।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजना की हितग्राही महिलाओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि रक्षाबंधन के अवसर पर एक बार फिर 1500 रुपये की सहायता राशि लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्लीमनाबाद टनल परियोजना विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना सहित पांच जिलों में सिंचाई और पेयजल की स्थिति मजबूत होगी। नर्मदा का पानी खेतों तक पहुंचेगा और कटनी शहर को भी पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि निर्माण के दौरान कठोर चट्टानों और मशीनों के खराब होने जैसी कई कठिनाइयां सामने आईं, लेकिन सरकार ने संकल्प के साथ परियोजना को अंतिम चरण तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही कटनी में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान इस परियोजना का औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से दमोह, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और विदिशा सहित कई जिलों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। इसके अलावा पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना के जरिए चंबल और मालवा क्षेत्र के जिलों में सिंचाई और पेयजल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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