
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026 में निर्भया कोष से संचालित सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना (STDW) से जुड़ी युवा पर्यटन सखियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में युवतियों की भूमिका, महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और रोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में दो करोड़ से अधिक युवा हैं और सरकार वर्ष 2027 को युवा शक्ति को समर्पित वर्ष के रूप में मनाएगी। युवाओं के समग्र विकास और रोजगार के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में मौजूद पर्यटन सखियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां पर्यटन, महिला सुरक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में प्रेरणादायक भूमिका निभा रही हैं। इस कार्यक्रम में पर्यटन सखियों के साथ-साथ स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (SIHM) के छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया। संवाद के दौरान पर्यटन सखियों ने अपनी सेवाओं, स्मृति-चिह्न (सॉवेनियर) निर्माण, पर्यटकों की सुरक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और पर्यटन स्थलों पर निभाई जा रही जिम्मेदारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
संवाद के दौरान पर्यटन सखियों ने बताया कि ओंकारेश्वर की युवतियां महिला सशक्तिकरण का नया उदाहरण बनकर सामने आई हैं। वे क्षेत्र की पहली 'स्टोरी टेलर' के रूप में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ओंकारेश्वर के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देती हैं तथा भ्रमण में सहयोग करती हैं।
जरूरत पड़ने पर ये युवतियां व्हीलचेयर केयरगिवर की भूमिका निभाकर दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन भी कराती हैं। महिला पर्यटकों और बुजुर्ग महिलाओं की सहायता के लिए वे हमेशा तत्पर रहती हैं। इसके अलावा, पर्यटन सखियां एकात्म धाम और स्टैच्यू ऑफ वननेस की प्रतिकृतियां तैयार कर स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट करती हैं। इससे ओंकारेश्वर की सांस्कृतिक पहचान को देशभर में नई पहचान मिल रही है।
यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026 के दौरान पर्यटन सखियों ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण का प्रभावशाली प्रदर्शन भी किया। उज्जैन से आई युवतियों ने लाठी कला सहित कई आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन कर अपने आत्मविश्वास और कौशल का परिचय दिया। राज्य सरकार प्रदेश की लगभग 40 हजार युवतियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे रही है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और हर परिस्थिति का सामना करने के लिए सक्षम बनाना है।
पर्यटन स्थलों पर जरूरत पड़ने पर ये प्रशिक्षित युवतियां महिला पर्यटकों, श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए सक्रिय रहती हैं। कई अवसरों पर उन्होंने साहस और सूझबूझ से कठिन परिस्थितियों का सफलतापूर्वक सामना भी किया है। उनकी मौजूदगी से महिला पर्यटक स्वयं को अधिक सुरक्षित और सहज महसूस करती हैं।
भारत सरकार के निर्भया कोष के सहयोग और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के माध्यम से संचालित महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना का उद्देश्य पर्यटन स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को पर्यटन आधारित रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। साथ ही स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय समुदायों और प्रशिक्षित युवतियों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे पर्यटन के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
मध्यप्रदेश में शुरू की गई इस परियोजना को देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री के साथ हुआ यह संवाद पर्यटन क्षेत्र में युवतियों की बढ़ती भागीदारी और उनकी मजबूत भूमिका को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार वर्ष 2027 को युवा शक्ति को समर्पित वर्ष घोषित करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में दो करोड़ से अधिक युवा हैं और सरकार उनके समग्र विकास, कौशल उन्नयन तथा रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। पर्यटन क्षेत्र में युवतियों की बढ़ती भागीदारी इसी दिशा में एक सकारात्मक और सशक्त शुरुआत है।
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