मुख्यमंत्री ने बलराम कृषि महोत्सव में आधुनिक तकनीक से आय बढ़ाने पर जोर दिया। किसानों के हित में मूंग खरीदी की सीमा 60% तक बढ़ाई गई और खाद के लिए ई-टोकन व्यवस्था स्थगित की गई। सरकार का लक्ष्य खेती को लाभ का व्यवसाय बनाना है।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को बैतूल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकें और वैज्ञानिक खेती किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। किसान जितना अधिक नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जुड़ेंगे, उनकी खेती उतनी ही लाभकारी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्यानिकी (बागवानी) फसलों के उत्पादन में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। बागवानी फसलों के विकास और विस्तार में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को देश का प्रथम पुरस्कार मिला है, जो किसानों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

बैतूल की कृषि क्षमता की सराहना

सीएम डॉ. यादव ने बैतूल जिले की उपजाऊ भूमि, प्राकृतिक संसाधनों और मेहनतकश किसानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सात नदियों, विशेषकर सूर्यपुत्री ताप्ती के आशीर्वाद से समृद्ध यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि बैतूल ने मक्का उत्पादन के साथ-साथ गेहूं, धान और श्रीअन्न की खेती में भी प्रदेश और देश में अलग पहचान बनाई है। प्रदेश को देश की "फूड बास्केट" बनाने में बैतूल के किसानों का अहम योगदान है।

15 जुलाई से 13 नवंबर तक चलेगा कृषि महोत्सव

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को आधुनिक खेती, नई योजनाओं और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों की जानकारी देने के उद्देश्य से 15 जुलाई से 13 नवंबर तक पूरे प्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान प्रशासन और कृषि विशेषज्ञ गांव-गांव जाकर किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।

मूंग खरीद की सीमा बढ़ी, ई-टोकन व्यवस्था स्थगित

किसानों के हित में सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मूंग उपार्जन के लिए पात्र किसानों की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है। स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त और मूंग खरीद की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी गई है। साथ ही किसानों की सुविधा को देखते हुए खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई है।

गेहूं, धान और श्रीअन्न उत्पादकों को मिला लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष सरकार ने समर्थन मूल्य के साथ बोनस देकर रिकॉर्ड गेहूं खरीदा है। धान उत्पादकों को 4 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। वहीं पहली बार कोदो-कुटकी की रिकॉर्ड खरीदी कर किसानों को एक हजार रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की व्यवस्था भी की गई है।

तापी बेसिन परियोजना से बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

डॉ. यादव ने बताया कि बैतूल, बुरहानपुर और खंडवा सहित पूरे क्षेत्र में सिंचाई और भू-जल संरक्षण को मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के साथ 'तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना' पर समझौता किया गया है। इस परियोजना से किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।

खेत से बाजार तक मजबूत होगी कृषि व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि खेत से बाजार तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर काम कर रही है। इसके तहत फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, वैल्यू एडिशन और कृषि निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और उसका उद्देश्य खेती को वास्तव में लाभ का व्यवसाय बनाना तथा किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना है।