मुख्यमंत्री मोहन यादव ने झाबुआ में 300 करोड़ का ऋण वितरित किया, करोड़ों के विकास कार्यों का शुभारंभ किया और महिलाओं व किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं।

भोपाल/झाबुआ। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 जुलाई को झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर के स्व-सहायता समूहों को सिंगल क्लिक के जरिए 300 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने झाबुआ जिले के लिए कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी। उन्होंने 174.64 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया, जबकि 109.17 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 28 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया।

इस अवसर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किए गए और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों से संवाद किया और रणजी टीम में चयनित थांदला के युवा क्रिकेटर अर्पित भटेवरा को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। साथ ही किसानों और युवाओं को हेलमेट भी वितरित किए गए।

Self Help Group Loan Distribution: 300 करोड़ के ऋण से बढ़ेगा महिला सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण को प्राथमिकता देते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से 300 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इससे महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह अब केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का बड़ा माध्यम बन चुके हैं।

महिला सशक्तिकरण की नई तस्वीर, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं बहनें

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। कई स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब हर महीने 10 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में स्व-सहायता समूहों द्वारा 196 कैफे संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 4 कैफे झाबुआ जिले में हैं। इसके अलावा 85 आजीविका पुस्तकालयों का संचालन भी महिलाओं के हाथों में है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं कृषि सखी, बैंक सखी, उद्यमिता सखी और लाड़ली बहन जैसी विभिन्न भूमिकाओं में समाज और अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। गैर-कृषि क्षेत्र के 150 से अधिक कार्यों में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी है। मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर, रानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई, रानी पद्मावती और रानी लक्ष्मीबाई जैसी महान महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा हैं।

Natural Farming MP: प्राकृतिक खेती में महिलाओं ने बदली तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि झाबुआ का क्षेत्र प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए बेहद अनुकूल है। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों और महिला कृषकों से चर्चा की। महिला किसानों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में प्राकृतिक खेती के जरिए उनकी आय और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कृषि कल्याण वर्ष मना रहा है और इसमें महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। आज महिलाएं ट्रैक्टर चलाने से लेकर ड्रोन संचालन तक कर रही हैं। "ड्रोन दीदियां" खेतों में कीटनाशक छिड़काव का काम संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश ने देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदा है। 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन में महिलाओं की भागीदारी भी सराहनीय रही है।

Lakhpati Didi Scheme: 64 हजार लखपति दीदियां बदल रहीं जनजातीय अंचल की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 89 ड्रोन दीदियां, पशुपालन दीदियां और बैंक सखी सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। महिला किसान उत्पादक संगठनों ने 958 करोड़ रुपये का व्यापार किया है। झाबुआ जिले में 11,900 से अधिक स्व-सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनसे 1.56 लाख से अधिक परिवार जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 64 हजार से अधिक लखपति दीदियां आर्थिक आत्मनिर्भरता का उदाहरण बन रही हैं। समूहों के सशक्तिकरण के लिए अब तक 285 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झाबुआ में कड़कनाथ पालन आज लोगों की आय का मजबूत साधन बन चुका है। मुर्गी पालन, पशुपालन और मत्स्य पालन के माध्यम से महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।

UCC MP और महिलाओं को आरक्षण पर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि यूसीसी (Uniform Civil Code) से जुड़ा विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है, हालांकि जनजातीय समुदाय को इससे अलग रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण और नगरीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है।

PM Mitra Park और उद्योगों से मिलेगा लाखों लोगों को रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा धार जिले में पीएम मित्र पार्क की सौगात दी गई है, जिससे कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि खेत से कारखाने और कारखाने से वैश्विक बाजार तक की पूरी वैल्यू चेन विकसित होगी। इससे निमाड़, धार, झाबुआ और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार पीएम मित्र पार्क से लगभग 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जिससे क्षेत्र से पलायन में भी कमी आएगी।

Jhabua Development Projects: आयुर्वेद कॉलेज, रेलवे और हेलीपैड सहित कई बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने झाबुआ के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि 70 करोड़ रुपये की लागत से आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन किया गया है। इसके अलावा 35.29 करोड़ रुपये की लागत से सांदीपनि विद्यालय का निर्माण होगा। थांदला से रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी और यहां पक्का हेलीपैड भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल स्टेडियम विकसित किए जाएंगे। पद्मावती नदी और छोटी काशी क्षेत्र में घाट निर्माण कार्य भी कराया जाएगा।

महिला सुरक्षा और धर्मांतरण पर भी दिया सख्त संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक जिले में महिला थाने और महिला सुरक्षा डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अवैध धर्मांतरण से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्व-सहायता समूहों को मिलेगा नया दायित्व

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि अगले वर्ष से प्रदेश के स्कूली बच्चों की सिली हुई यूनिफॉर्म स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं तैयार करेंगी। इससे हजारों महिलाओं को रोजगार और अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि विकास यात्रा का नेतृत्वकर्ता बनाना है।