ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बनेगा। यहां 5G, 6G, IoT और सेमीकंडक्टर उत्पादों का निर्माण होगा तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश अब औद्योगिक विकास के एक नए दौर की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के बीच देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना को लेकर हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री 30 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित "इंटरैक्टिव सेशन ऑन टेलीकॉम इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग" कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे।

ग्वालियर में विकसित होगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ग्वालियर में लगभग 170 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह प्लग-एंड-प्ले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन देश का पहला एकीकृत टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम होगा। इस जोन की खास बात यह होगी कि यहां टेलीकॉम उद्योग से जुड़ी पूरी वैल्यू चेन एक ही परिसर में उपलब्ध होगी। यानी डिजाइन, रिसर्च, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट तक की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर विकसित की जाएंगी।

5G, 6G और सेमीकंडक्टर उत्पादों का होगा निर्माण

प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में भविष्य की तकनीकों पर विशेष फोकस रहेगा। यहां 5जी और 6जी तकनीक से जुड़े उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर, नेटवर्किंग डिवाइस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित उत्पाद, सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर का निर्माण किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत को दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकती है।

MP को लगातार मिल रही राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों के दौरान मध्यप्रदेश को कई बड़ी राष्ट्रीय परियोजनाओं की सौगात मिली है। उन्होंने बताया कि पीएम मित्रा पार्क, बीईएमएल यूनिट, बीना पेट्रोकेमिकल परियोजना, राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाएं और नर्मदापुरम एनर्जी पार्क जैसी परियोजनाओं के बाद अब टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा।

युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार और निवेश के नए अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज टेलीकॉम उद्योग केवल संचार तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्री 4.0, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुशासन जैसे क्षेत्रों की मजबूत नींव बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से हजारों करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग खुलेगा। साथ ही एमएसएमई, स्टार्टअप्स, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी संस्थानों को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने देश और विदेश के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश-अनुकूल नीतियां, मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन और त्वरित निर्णय प्रणाली उपलब्ध है।

IT और टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभर रहा मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से देश के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 2,000 से अधिक आईटी और आईटीईएस इकाइयां संचालित हो रही हैं। इसके अलावा राज्य ने देश की पहली ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति लागू की है। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर नीति-2025, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स नीति, ड्रोन नीति, स्टार्टअप नीति और एवीजीसी नीति जैसी पहलें प्रदेश को तकनीकी निवेश और नवाचार का मजबूत केंद्र बना रही हैं।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में निवेशकों को दिया आमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों को वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज संभावनाओं की धरती बन चुका है और वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन रहा है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- भारत बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत अब केवल दूरसंचार उपकरणों का उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहता। लक्ष्य यह है कि उपकरणों का डिजाइन, विकास और निर्माण भारत में हो तथा उन्हें दुनिया के विभिन्न देशों में निर्यात किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन "डिजाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया" के विजन को मजबूती देगा। सिंधिया के अनुसार यह परियोजना भारत को वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई गति देगी।