मध्यप्रदेश को ग्लोबल सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की तैयारी तेज हो गई है। दुबई में CM मोहन यादव ने निवेशकों से मुलाकात की। पोवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स हब, इंदौर-पीथमपुर पार्क, ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी पर बड़ा फोकस।
भोपाल। किसी राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सिर्फ बड़े कारखाने काफी नहीं होते। माल कहां बनेगा, कहां स्टोर होगा और कितनी तेजी से देश-विदेश के बाजार तक पहुंचेगा, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश अब इसी मोर्चे पर अपनी अगली बड़ी छलांग की तैयारी करता दिख रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 सितंबर को दुबई में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 के तीसरे दिन यूएई के प्रमुख निवेशकों और कारोबारी समूहों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। बातचीत में लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, शिक्षा और रिटेल जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
पोवारखेड़ा पर बड़ा फोकस, लॉजिस्टिक्स हब बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने डीपी वर्ल्ड के सीईओ रिजवान सूमार के साथ बैठक में मध्यप्रदेश की सप्लाई चेन क्षमता बढ़ाने पर चर्चा की। पोवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के तौर पर विकसित करने की संभावना सामने आई। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन के जरिए कृषि उत्पादों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर है। रेल आधारित माल ढुलाई से परिवहन समय और लॉजिस्टिक्स लागत घटाने का लक्ष्य भी है। इसका सीधा असर स्थानीय कारोबार और रोजगार पर पड़ सकता है।
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30-50 मिलियन डॉलर के लॉजिस्टिक्स पार्क का प्रस्ताव
शराफ ग्रुप ने इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में रेल-साइडिंग वाले लॉजिस्टिक्स पार्क में रुचि दिखाई है। इसके लिए करीब 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश प्रस्ताव पर चर्चा हुई। परियोजना से लगभग 300 से 600 रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है।
सिर्फ लॉजिस्टिक्स नहीं, टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी पर भी दांव
राणा होल्डिंग्स के साथ स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी पर बातचीत हुई। वहीं क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के साथ ऊर्जा, शहरी अधोसंरचना और टेक्नोलॉजी आधारित निवेश की संभावनाएं तलाशीं गईं। शिक्षा क्षेत्र में जेम्स एजुकेशन ने मध्यप्रदेश के प्रमुख और उभरते शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने में रुचि दिखाई है।
भोपाल-इंदौर में वीजा सेवाओं के विस्तार पर जोर
वीएफएस ग्लोबल के साथ बैठक में भोपाल और इंदौर में वीजा सेवाओं का विस्तार, पर्यटन और युवाओं के कौशल विकास पर चर्चा हुई। उद्योग और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय युवाओं की रोजगार-योग्यता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
चोइथराम समूह ने प्रदेश में आधुनिक सुपरमार्केट और रिटेल केंद्र स्थापित करने में रुचि दिखाई है। समूह स्थानीय किसानों और उत्पादकों से कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद खरीदने के साथ खाद्य प्रसंस्करण और पैकेजिंग को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर सकता है। मुख्यमंत्री ने सभी उद्योग समूहों को 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित किया। अब असली परीक्षा इन चर्चाओं को जमीन पर उतरने वाली परियोजनाओं में बदलने की होगी। अगर लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, कौशल और औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर यह रणनीति आगे बढ़ती है, तो मध्यप्रदेश अपने उत्पादों को देश के साथ-साथ वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की क्षमता और मजबूत कर सकता है।
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