Madhya Pradesh UNESCO Tentative List: मध्य प्रदेश की बाघ गुफाएं, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाएं UNESCO की Tentative List में शामिल हुए हैं।
मध्य प्रदेश की मिट्टी में इतिहास की कई परतें छिपी हैं। अब इनमें से चार और विरासत स्थलों ने वैश्विक पहचान की दिशा में कदम बढ़ाया है। UNESCO ने बाघ गुफाओं की चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाओं को अपनी Tentative List में शामिल किया है। UNESCO के रिकॉर्ड के मुताबिक चारों स्थलों का भारत की ओर से नामांकन 8 जुलाई 2026 को जमा किया गया।
UNESCO की Tentative List में 4 नए नाम
UNESCO की Tentative List उन विरासत स्थलों की सूची है, जिन्हें संबंधित देश भविष्य में World Heritage List के लिए नामांकित करने पर विचार कर सकता है। यानी यह अंतिम विश्व धरोहर दर्जा नहीं है, बल्कि नामांकन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। UNESCO के अनुसार भारत की मौजूदा Tentative List में 73 साइट दर्ज हैं।
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बाघ गुफाओं की सदियों पुरानी चित्रकारी
धार जिले में बाघ नदी के किनारे स्थित बाघ गुफाएं नौ रॉक-कट बौद्ध गुफाओं का समूह हैं। UNESCO के अनुसार इनका विकास लगभग चौथी से छठी शताब्दी के बीच हुआ। खासतौर पर गुफा नंबर 4 के भित्ति चित्र राजदरबार, जुलूस, संगीतकारों और सामाजिक जीवन के दृश्य दिखाते हैं। इन चित्रों में अजंता से तकनीकी संबंध के साथ क्षेत्रीय कलात्मक विशेषताएं भी दिखाई देती हैं।
गिन्नौरगढ़ में दिखती है गोंड शासन की कहानी
सीहोर जिले में रातापानी के वन क्षेत्र के भीतर स्थित गिन्नौरगढ़ किला गोंड शासन की महत्वपूर्ण विरासत माना जाता है। UNESCO के दस्तावेज में इसे राज गोंड शासकों की प्रमुख किलाबंद राजधानी बताया गया है। किले में सुरक्षा व्यवस्था के साथ बावड़ियों और जलाशयों की व्यापक प्रणाली भी थी, जो इसके स्थापत्य और जल प्रबंधन को खास बनाती है।
चंबल के मंदिर और उदयगिरि की गुफाएं
मुरैना के बटेश्वर-पदावली-ककरमठ मंदिर समूह को भी Tentative List में जगह मिली है। UNESCO के मुताबिक ये मंदिर आठवीं से 11वीं शताब्दी के बीच विकसित नागर शैली की वास्तुकला का उदाहरण हैं। वहीं विदिशा की उदयगिरि गुफाएं गुप्तकालीन धार्मिक और राजनीतिक अभिव्यक्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण विरासत हैं।
MP की विरासत को वैश्विक मंच की ओर बढ़त
इन चार नए नामों के जुड़ने से मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत की UNESCO प्रक्रिया में मौजूदगी और बढ़ी है। हालांकि, Tentative List में शामिल होना World Heritage Site का अंतिम दर्जा मिलना नहीं है। आगे प्रत्येक स्थल के संरक्षण, प्रबंधन और Outstanding Universal Value से जुड़े मानकों के आधार पर नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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