
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को विधानसभा परिसर में आयोजित ‘संसद यूथ पार्लियामेंट 2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है और भारत आज दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 12 राज्यों से आए 52 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश जल्द ही अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है और उससे पहले विधानसभा भवन में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे युवाओं की मौजूदगी ने इसे एक तरह का ‘मिनी इंडिया’ बना दिया है। उन्होंने कहा कि विधानमंडल केवल बहस का मंच नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण का पवित्र स्थान है।
डॉ. यादव ने युवा संसद में बड़ी संख्या में बेटियों की भागीदारी को लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का जो प्रावधान किया गया है, उसकी झलक ऐसे आयोजनों में साफ दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में मातृशक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। समाज की प्रगति में माताओं और बहनों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है। भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के सिद्धांत पर आधारित है, जहां पूरी दुनिया को एक परिवार माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केवल नारे देने से बदलाव नहीं आता, बल्कि मजबूत संकल्प और उसे जमीन पर उतारने की इच्छाशक्ति भी जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था सभी नागरिकों को समान अधिकार देने में विश्वास रखती है। किसी भी वर्ग या समुदाय को केवल वोट बैंक की राजनीति के कारण उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर व्यापक स्तर पर सुझाव एकत्र किए थे। प्रदेश के सभी जिलों और विभिन्न धर्मों के लोगों ने इसमें भागीदारी की और अपने विचार रखे।
उन्होंने दावा किया कि यूसीसी सर्वेक्षण में 76 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश उन बड़े राज्यों में शामिल है जिसने यूसीसी लागू करने की दिशा में विधेयक पारित किया है। उनके अनुसार कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए, चाहे वह किसी भी धर्म या समुदाय से जुड़ा हो।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशों में सफलता हासिल करने के साथ-साथ युवाओं को लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए राजनीति में भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता अनगिनत बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग को याद करते हुए उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस का उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने आईसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने के बावजूद अंग्रेजी शासन की नौकरी स्वीकार नहीं की और स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े।
डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति न्यायपालिका के निर्णयों का सम्मान करना सिखाती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका और आज देशवासियों को वहां दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम में दिलीप बिल्डकॉन के सीएमडी दिलीप सूर्यवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्योगों में भी निवेश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति और समाज सेवा दोनों ही चुनौतीपूर्ण क्षेत्र हैं, जहां समर्पण और जनहित की भावना के साथ काम करना पड़ता है।
युवा सांसद की भूमिका निभा रहे आरब सिंह शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में खेल और युवा कल्याण के लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 274 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं और आने वाले समय में 200 नए विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। उनके अनुसार विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
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