Published : May 29, 2025, 04:56 PM ISTUpdated : May 29, 2025, 04:57 PM IST
Princess Padmaja of Mewar family : मेवाड़ राजघराने की राजकुमारी पद्मजा, महाराणा प्रताप की वंशज, अरबों की मालकिन होते हुए भी सादगी से जीवन जीती हैं। अमेरिका में सेटल होने के बावजूद, वह मेवाड़ की विरासत को दुनिया भर में फैला रही हैं।
भारत की राजशाही भले ही संविधानिक रूप से समाप्त हो चुकी हो, लेकिन कुछ रजवाड़े खासतौर पर राजस्थान के जो अपनी विरासत, परंपरा और गौरव को सहेजे हुए हैं। इन्हीं में से एक है मेवाड़ का शाही परिवार, जो न सिर्फ ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आज भी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस परिवार की एक ऐसी ही शख्सियत हैं, ''राजकुमारी पद्मजा कुमारी परमार'' जिनकी सादगी, सुंदरता और कार्यशैली उन्हें खास बनाती है। वह मेवाड़ राज परिवार महाराणा प्रताप के वंशज हैं । आज महाराणा प्रताप की जयंती के मौके पर जानिए उनके बारे में...
26
मेवाड़ राजपरिवार की बेटी हैं राजकुमारी पद्मजा
राजकुमारी पद्मजा, महाराणा प्रताप के वंशज और उदयपुर के सिटी पैलेस में रहने वाले मेवाड़ राजपरिवार से ताल्लुक रखती हैं। भले ही वे करोड़ों की संपत्ति की उत्तराधिकारी हों, लेकिन उनके पहनावे और व्यवहार में राजसी आडंबर नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ी सादगी नजर आती है।
36
सिंपल लाइफ जीती हैं राजकुमारी पद्मजा
राजकुमारी पद्मजा अक्सर उन्हें बिना मेकअप, सादे सूट या साड़ी में देखा जाता है, जिससे कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि वे किसी शाही परिवार से हैं। जबकि उनके परिवार की संपत्ति अरबों की है। लेकिन वह एक आम आदमी की तरह जीती हैं।
46
इनका बिजनेस अमेरिका और यूरोप तक फैला
पद्मजा सिर्फ एक राजकुमारी नहीं, बल्कि मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली सशक्त महिला भी हैं। 'फ्रेंड्स ऑफ मेवाड़' संस्था के माध्यम से वे देश-विदेश में मेवाड़ की ऐतिहासिक गाथाओं को जीवंत बनाए हुए हैं। उनके भाई लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के साथ मिलकर उन्होंने HRH ग्रुप ऑफ होटल्स की कमान संभाली है, जिसका संचालन भारत ही नहीं, अमेरिका और यूरोप तक फैला हुआ है।
56
शादी के बाद अमेरिका हो गईं सेटल
विवाह के बाद पद्मजा बॉस्टन (अमेरिका) में बस गईं, लेकिन उदयपुर और विदेश के बीच लगातार आवाजाही करते हुए वो कारोबार और पारिवारिक विरासत को साथ लेकर चल रही हैं। न्यूयॉर्क में फोर सीज़न होटल के संचालन से लेकर हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी में उनकी सक्रिय भूमिका उन्हें आधुनिक राजकुमारी का रूप देती है।
66
राजसी ठाठ-बाट ऊपर हैं ये राजकुमारी
राजसी ठाठ-बाट से परे, जब कोई राजकुमारी जनता की तरह जीकर इतिहास और परंपरा को जीवित रखे, तो वह सिर्फ नाम से नहीं, कर्म से भी रॉयल कहलाती है।
राजस्थान की राजनीति, बजट निर्णयों, पर्यटन, शिक्षा-रोजगार और मौसम से जुड़ी सबसे जरूरी खबरें पढ़ें। जयपुर से लेकर जोधपुर और उदयपुर तक की ज़मीनी रिपोर्ट्स और ताज़ा अपडेट्स पाने के लिए Rajasthan News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — तेज़ और विश्वसनीय राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।