
लखनऊ/आगरा। पर्यटन नगरी आगरा अब सिर्फ अपने ऐतिहासिक स्मारकों के लिए ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनरुद्धार और आधुनिक शहरी विकास के संगम के रूप में नई पहचान बनाने जा रही है। ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर विकसित हो रहे ‘ग्रेटर आगरा’ प्रोजेक्ट में सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखते हुए नई टाउनशिप बसाई जाएंगी, जिनका नाम सिंधु से लेकर कावेरी तक 10 पवित्र नदियों पर रखा जाएगा। यह परियोजना नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम रायपुर और रहनकलां में लगभग 450 हेक्टेयर क्षेत्र में यह परियोजना विकसित की जा रही है। करीब 5142 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट आगरा को एक आधुनिक, योजनाबद्ध और बहुआयामी शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका सांस्कृतिक दृष्टिकोण है। यहां विकसित होने वाली 10 टाउनशिप के नाम होंगे: सिंधुपुरम, गोमतीपुरम, गंगापुरम, यमुनापुरम, बेतवापुरम, महानदीपुरम, नर्मदापुरम, गोदावरीपुरम, कृष्णापुरम और कावेरीपुरम। यह पहल भारतीय संस्कृति को सम्मान देने के साथ शहर को एक अलग पहचान देगी।
इन टाउनशिप में लगभग 1.5 लाख लोगों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कुल 4712 प्लॉट्स में आवासीय, ग्रुप हाउसिंग, कमर्शियल और मिश्रित उपयोग के क्षेत्र शामिल होंगे। यहां स्कूल, अस्पताल, होटल, बैंक, डाकघर, पुलिस चौकी, फायर स्टेशन और कम्युनिटी सेंटर जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
परियोजना के तहत आधुनिक सड़क नेटवर्क, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किए जाएंगे। इससे यह क्षेत्र एक स्मार्ट और सस्टेनेबल शहरी मॉडल के रूप में उभरेगा।
ग्रेटर आगरा की लोकेशन इसे और खास बनाती है। यह 100 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड के पास स्थित है और नेशनल हाईवे-19, फतेहाबाद रोड तथा यमुना एक्सप्रेसवे से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यमुना नदी और कुबेरपुर रेलवे स्टेशन की नजदीकी इसे व्यापार और आवागमन के लिए बेहतर बनाती है।
हर टाउनशिप में कम से कम 15 प्रतिशत क्षेत्र ग्रीन स्पेस के लिए आरक्षित रखा गया है। पार्क, ओपन स्पेस और खेल सुविधाओं के माध्यम से पर्यावरण संतुलन और बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।
इस योजना के तहत यमुनापुरम को कमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। वहीं कावेरीपुरम को वाटर-बेस्ड एक्टिविटी और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह परियोजना केवल आवासीय नहीं, बल्कि रोजगार और निवेश का बड़ा केंद्र बनेगी। निर्माण, उद्योग और सेवा क्षेत्र में लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण बड़ी कंपनियां निवेश के लिए आकर्षित होंगी।
ग्रेटर आगरा परियोजना केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक पुनरुद्धार और आधुनिक विकास का अनूठा मॉडल है। यह भविष्य में आगरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी और देश के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल बन सकती है।
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