Baghpat News: श्रीशिव गोरखनाथ आश्रम मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा में बोले CM योगी- 'सनातन की शक्ति मिटाने वाले आक्रांताओं का नामोनिशान नहीं बचा'

Published : May 11, 2026, 07:45 PM IST
Shiv Gorakhnath Ashram Navnath idols Pran Pratishtha CM Yogi Adityanath

सार

बागपत पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनाथ मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सनातन धर्म, सोमनाथ मंदिर, राम मंदिर और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सनातन को मिटाने वाले आक्रांताओं का अस्तित्व समाप्त हो गया।

बागपत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ सोमवार को बागपत स्थित श्रीशिव गोरखनाथ आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने नवनाथों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और आठमान भंडारा कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म, भारत की सांस्कृतिक विरासत और देश की आध्यात्मिक परंपरा पर विस्तार से अपनी बात रखी।

सीएम योगी ने कहा कि वह बागपत सनातन धर्म की ताकत का संदेश देने आए हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सनातन धर्म ने कभी किसी पर जबरन शासन नहीं किया और न ही किसी को गुलाम बनाया। भारत ने हमेशा शांति और मानवता का मार्ग अपनाया है।

सनातन धर्म को मिटाने वाले आक्रांताओं का अस्तित्व खत्म हो गया: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत लगातार विदेशी आक्रांताओं से संघर्ष करता रहा है। कई आक्रमणकारियों ने भारत की आस्था के प्रतीक मठों, मंदिरों और तीर्थ स्थलों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सनातन धर्म और धार्मिक स्थलों को मिटाने की कोशिश की, आज उनका नामोनिशान तक नहीं बचा। वहीं भारत के तीर्थ स्थल फिर से पुनर्प्रतिष्ठित होकर दुनिया के सामने खड़े हैं।

धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म हमारी रक्षा करेगा

सीएम योगी ने कहा कि 'धर्मो रक्षति रक्षितः' का अर्थ है कि यदि हम धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म हमारी रक्षा करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वार्थ के लिए धर्म का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की हानि की भरपाई हो सकती है, लेकिन धर्म और संस्कृति को होने वाले नुकसान की भरपाई संभव नहीं होती। इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है। इसलिए सभी को देश और धर्म के हित में कार्य करना चाहिए।

सोमनाथ मंदिर पुनर्प्रतिष्ठा और ऑपरेशन शक्ति का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि 1026 में महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था। इसके बाद 1951 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के हाथों सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए। वहीं उन्हें भी काशी विश्वनाथ मंदिर से इस आयोजन से जुड़ने का अवसर मिला।

सीएम योगी ने पोखरण परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में ऑपरेशन शक्ति के तहत भारत ने अपनी ताकत दुनिया को दिखाई थी। यह शक्ति केवल देश की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि विश्व कल्याण का भी प्रतीक है।

महाभारत काल से जुड़ा है बागपत का इतिहास

मुख्यमंत्री ने कहा कि बागपत का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए कौरवों से जिन पांच गांवों की मांग की थी, उनमें बागपत भी शामिल था। उन्होंने कहा कि चार साल पहले जब वह यहां आए थे, तब यह स्थान छोटा था, लेकिन अब महंत अर्जुननाथ और स्थानीय लोगों के प्रयासों से यह एक प्रमुख तीर्थ स्थल बन गया है। यही हमारी विरासत की असली रक्षा है।

चौधरी चरण सिंह और बागपत की ऐतिहासिक पहचान का किया जिक्र

सीएम योगी ने कहा कि बागपत की धरती ने देश को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जैसे किसान नेता दिए। उन्होंने पूर्व सांसद और पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर डॉ. सत्यपाल सिंह की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर बागपत और प्रदेश के विकास में लगातार नए कार्य किए जा रहे हैं।

पीएम मोदी के नेतृत्व में हो रहा सांस्कृतिक विरासत का पुनरुद्धार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों का पुनरुद्धार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम मंदिर, उज्जैन में महाकाल लोक, केदारपुरी और विंध्यवासिनी धाम जैसे तीर्थ स्थलों का विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों और परंपराओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।

महायोगी गुरु गोरखनाथ ने समाज को जोड़ा: सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ भगवान शिव के योगी स्वरूप हैं। उन्होंने गुलामी के समय समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि गोरखनाथ परंपरा के योगी गांव-गांव जाकर भजन और सारंगी के माध्यम से लोगों को एकजुट करते थे और विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ समाज को तैयार करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योगी केवल मंदिरों या गुफाओं तक सीमित नहीं होते। जब धर्म और संस्कृति पर संकट आता है, तब योगी समाज और राष्ट्र की रक्षा के लिए आगे खड़ा होता है।

कार्यक्रम में कई मंत्री, सांसद और संत रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री जसवंत सिंह सैनी और केपी मलिक सहित कई जनप्रतिनिधि और संत मौजूद रहे। सांसद राजकुमार सांगवान, विधायक बाबा बालकनाथ, विधायक अजय कुमार, योगेश धामा, महंत अर्जुननाथ, महंत चेताईनाथ और अन्य संतों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

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