
वाराणसी। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सनातन धर्म के इतिहास और वर्तमान को गौरवशाली बताते हुए कहा कि मोहम्मद गोरी सहित कई विदेशी आक्रांताओं ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को खत्म करने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने बाबा विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर गुलामी का प्रतीक खड़ा किया था, लेकिन वह भारत की आत्मा को नहीं तोड़ पाया। सनातन केवल मंदिरों की दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की चेतना और संस्कृति में रचा-बसा है।
मुख्यमंत्री सोमवार को राज्यपाल Anandiben Patel के साथ ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में शामिल हुए। यह कार्यक्रम श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर स्थित त्र्यंबकेश्वर बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा की गई विशेष महापूजा, कुंभाभिषेक, ध्वजारोहण और पुष्पवृष्टि का सीधा प्रसारण भी देखा।
सीएम योगी ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत ही उसकी अजरता और अमरता का आधार है। जिन्होंने सनातन संस्कृति को मिटाने की कोशिश की, वे स्वयं इतिहास में विलीन हो गए। आज उन आक्रांताओं का नाम लेने वाला भी कोई नहीं है, जबकि सनातन संस्कृति आज भी मजबूती के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति पर आक्रमण हो सकते हैं, लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना साकार होती दिखाई दे रही है। इसका उदाहरण सौराष्ट्र में भगवान सोमनाथ महादेव मंदिर का पुनर्प्रतिष्ठा कार्यक्रम, काशी विश्वनाथ धाम का विकास, उज्जैन में महाकाल लोक और अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण है। उन्होंने कहा कि देश के कई पवित्र तीर्थस्थल अब अपने वैभव के साथ विकास की नई यात्रा तय कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रेरक शक्ति बताते हुए उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से उनका आभार जताया।
सीएम योगी ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारतीय सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रीय आत्मगौरव के पुनर्जागरण का प्रतीक है। यह आयोजन लोगों को भारत की जड़ों और विरासत से जोड़ने का अभिनव प्रयास है। उन्होंने कहा कि काशी और सोमनाथ भारत की सभ्यागत चेतना के दो अमर स्तंभ हैं। उत्तर में गंगा तट पर स्थित बाबा विश्वनाथ धाम जहां सनातन की आध्यात्मिक धारा को जीवित रखे हुए है, वहीं पश्चिम में समुद्र तट पर स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ महादेव भारत के स्वाभिमान और पुनर्जागरण की ज्योति को प्रज्ज्वलित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि महमूद गजनवी सहित विदेशी आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर पर कई बार हमला किया। उन्होंने मंदिरों के वैभव को नष्ट करने और भारत की सांस्कृतिक पहचान को मिटाने की कोशिश की। यही स्थिति बाबा विश्वनाथ धाम समेत देश के हजारों सनातन प्रतीकों के साथ भी देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि आक्रांताओं को यह भ्रम था कि मंदिरों को तोड़कर और उनकी संपत्ति लूटकर वे भारत की आत्मा को समाप्त कर देंगे, लेकिन ऐसा कभी संभव नहीं हुआ। आज काशी विश्वनाथ धाम और सोमनाथ मंदिर भारत के स्वाभिमान और गौरव के प्रतीक बनकर खड़े हैं।
सीएम योगी ने कहा कि लौह पुरुष Sardar Vallabhbhai Patel ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और पुनर्प्रतिष्ठा का संकल्प लिया था। तमाम चुनौतियों और विरोध के बावजूद उन्होंने इस कार्य को आगे बढ़ाया। यह केवल मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं था, बल्कि यह देश को दासता से मुक्त कर आत्मसम्मान स्थापित करने का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि काशी में भी इसी प्रकार का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भी कुछ शक्तियां ऐसी हैं जो भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास नहीं देखना चाहतीं। उन्होंने कहा कि यही लोग पहले सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा के विरोध में थे और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में भी लगातार बाधाएं खड़ी करते रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज पूरा देश सोमनाथ महादेव के स्वाभिमान पर्व और पुनर्प्रतिष्ठा के अमृत महोत्सव से जुड़ रहा है।
सीएम योगी ने देश के प्रथम राष्ट्रपति Rajendra Prasad का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पहले तत्कालीन सरकार के विरोध के बावजूद डॉ. राजेंद्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे।
कार्यक्रम में योगी सरकार के मंत्री Anil Rajbhar, Dayashankar Mishra, Hansraj Vishwakarma, महापौर अशोक तिवारी, विधायक त्रिभुवन राम, अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, सुनील पटेल, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पद्म पुरस्कार से सम्मानित प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी और डॉ. राम नारायण द्विवेदी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया।
‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में प्रसिद्ध कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने आध्यात्मिक माहौल का आनंद लिया। कथक नृत्यांगना अंकिता भट्टाचार्य और उनकी टीम ने शिव तांडव की प्रस्तुति दी। वहीं डॉ. दिव्या श्रीवास्तव और साथी कलाकारों ने भगवान सोमनाथ की स्तुति प्रस्तुत की। बनारस घराने के अंशुमान महाराज और उनकी टीम ने सरोद वादन से श्रोताओं का मन मोह लिया।
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