UP Industrial Corridor News: गंगा एक्सप्रेसवे IMLC बना निवेश का नया केंद्र, PLI और टैक्स छूट का बड़ा फायदा

Published : Apr 28, 2026, 03:00 PM IST
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सार

गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित IMLC यूपी का बड़ा इंडस्ट्रियल हब बन रहा है। यहां निवेशकों को 42% कैपिटल सब्सिडी, SGST रिइम्बर्समेंट, 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट और PLI टॉप-अप जैसे फायदे मिल रहे हैं, जिससे निवेश आसान और सस्ता हो रहा है।

लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (IMLC) अब सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं रहे, बल्कि एक हाई-इंसेंटिव इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। योगी सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी, टैक्स छूट, सिंगल विंडो सिस्टम और PLI टॉप-अप जैसी सुविधाओं ने इसे निवेशकों के लिए देश के सबसे आकर्षक औद्योगिक क्षेत्रों में बदल दिया है। इन योजनाओं से उद्योग लगाने की लागत कम हो रही है और कारोबार करना आसान बन रहा है।

कैपिटल सब्सिडी और SGST रिइम्बर्समेंट: निवेश लागत में बड़ी कमी

गंगा एक्सप्रेसवे IMLC में निवेश करने वाले उद्योगों को उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत बड़ा लाभ मिल रहा है। योग्य निवेश (ECI) पर 42% तक कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को 100% नेट SGST रिइम्बर्समेंट (ECI के 300% तक) का फायदा मिलता है। इससे शुरुआती निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है और उद्योगों के लिए प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से ज्यादा मजबूत बनता है।

FDI, भूमि सब्सिडी और स्टाम्प ड्यूटी छूट से निवेश को बढ़ावा

राज्य सरकार विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने के लिए विशेष सुविधाएं दे रही है। सरकारी जमीन पर 80% तक फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी और 35% तक कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही, IMLC में उद्योग लगाने पर भूमि पंजीकरण के समय 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट मिलती है। इससे जमीन खरीदने और उद्योग स्थापित करने की लागत काफी कम हो जाती है।

पावर, ग्रीन एनर्जी और R&D इंसेंटिव: आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा

औद्योगिक विकास को तेज करने के लिए ऊर्जा और नवाचार पर भी जोर दिया गया है। FDI और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों को 5 साल तक 100% बिजली शुल्क (इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी) में छूट मिलती है। ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए ₹2.5 करोड़ तक (50% तक) का इंसेंटिव दिया जा रहा है। वहीं रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के लिए ₹10 करोड़ तक का ग्रांट उपलब्ध है, जिससे नई तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।

‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो सिस्टम: आसान और पारदर्शी निवेश प्रक्रिया

निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो पोर्टल को मजबूत किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर 500 से ज्यादा ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें भूमि आवंटन, अनुमतियां और इंसेंटिव ट्रैकिंग शामिल हैं। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और समय की बचत होती है। इसके अलावा, IMLC में स्थापित उद्योगों को केंद्र सरकार की PLI योजना के साथ 30% तक अतिरिक्त टॉप-अप भी मिलता है। यह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाता है और बड़े निवेश को आकर्षित करता है।

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