वाराणसी में रंगभरी एकादशी के मौके पर औघड़ संतो ने विशाल और अनूठी शोभायात्रा निकाली। इस दौरान शिवभक्त एक-दूसरे पर अबीर और गुलाल डालते नजर आए। 4 मार्च को मणिकर्णिका घाट पर चिता की भस्म से होली खेली जाएगी।
भगवान शिव की नगरी काशी में रंगभरी एकादशी के मौके पर अनूठा रंगोत्सव हुआ। शुक्रवार को औघड़ संतों द्वारा रविन्द्रपुरी स्थित भगवान कीनाराम स्थली क्रीं कुंड से विशाल शोभायात्रा निकाली गई।
26
इस शोभायात्रा में हजारों की संख्या में लोग नाचते-गाते हुए नजर आए। इस दौरान शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ की अगवानी में काशी कि गलियों में जमकर गुलाल की होली खेली।
36
इसके अलावा बाबा विश्वनाथ की गली में अबीर-गुलाल उड़ाया गया। वहीं माता गौरा के गौना की बारात पहुंचने के साथ ही काशी के कण-कण में रंगभरी एकादशी का उल्लास छा गया है।
46
घराती बने लोगों ने दूल्हा बने बाबा विश्वनाथ को ठंडाई और गुलाबजल चढ़ाया और फल, मेवा आदि से उनका आवभगत किया गया।
56
बता दें कि रंगभरी एकादशी के अगले दिन यानि की 4 मार्च को शोभायात्रा के दौरान महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर चिता भस्म की होली खेली जाएगी।
66
पं. सुनील त्रिपाठी के आचार्यत्व में पूजन, अनुष्ठान के विधान संपन्न किए गए। इस दौरान धर्मसंघ शिक्षा मंडल के महामंत्री जगजीतन पांडेय ने भगवान शिव का ससुराल में स्वागत किया।
उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।